vkj/akt/ 1100/1a

अशोधित प्रति/ प्रकाशनार्थ नहीं

 

राजस्‍थान विधान सभा की कार्यवाही का वृत्‍तान्‍त

 

 

अंक  5    बारहवीं विधान सभा के पांचवें सत्र का बारहवां दिवस   संख्‍या  9

 

 

शनिवार,

11 मार्च, 2006

राजस्‍थान विधान सभा की बैठक 1100 बजे

विधान सभा भवन,जयपुर में प्रारम्‍भ हुई।

 

(श्रीमती सुमित्रा सिंह, अध्‍यक्ष, पदासीन)

 

 

श्री अध्‍यक्ष: कृपया शांत रहें।

स्‍थगन प्रस्‍तावों पर अध्‍यक्षीय व्‍यवस्‍था

मुझे माननीय सदस्‍यों को सूचित करना है कि निम्‍नांकित स्‍थगन प्रस्‍तावों की सूचना प्राप्‍त हुई है:-

(1) श्री खुशवीर सिंह एवं नौ अन्‍य सदस्‍यों की ओर से पाली के वस्‍त्र उद्योग से फैल रहे जल प्रदूषण के सम्‍बन्‍ध में।

स्‍थगन प्रस्‍ताव के रूप में अनुमति देने में असमर्थ हूं, फिर भी माननीय सदस्‍य श्री खुशवीर सिंह को दो मिनट में अपनी बात रखने की अनुमति होगी।

(2)   श्री हेमाराम चौधरी, सदस्‍य की ओर से जिला बाड़मेर में अकाल राहत प्रबन्‍ध नहीं करने व पशु शिविर नहीं खोलने के सम्‍बन्‍ध में।

राज्‍य में अकाल राहत प्रबन्‍धन के सम्‍बन्‍ध में मंत्री द्वारा कल जो वक्‍तव्‍य दिया गया था, उसमें अकाल पर विस्‍तृत चर्चा हुई है और प्रतिपक्ष के सुझाव पर एक समिति का गठन भी कर दिया गया है, अत: पुन: चर्चा का कोई अर्थ नहीं रह गया।

(3)   श्री मांगीलाल गरासिया एवं 11 अन्‍य सदस्‍यों की ओर से उदयपुर की पंचायत समिति कोटड़ा के विद्यालयों का मिड-डे-मील पोषाहार बेचे जाने के सम्‍बन्‍ध में।

यह मोबाइल किसका बज रहा है?

श्री अमराराम(धोद): गुर्जर साहब का बज रहा है मोबाइल। (व्‍यवधान) माननीय मंत्रीजी का यह हाल है तो माननीय सदस्‍यों का क्‍या होगा?


 

श्री अध्‍यक्ष: माननीय मंत्रीजी, जब आसन की ओर से आपको कई बार दोहराया जा चुका है, या तो आप लेकर नहीं आयें या फिर आप इसे बन्‍द करके लायें (व्‍यवधान) जब यह बात कही जा चुकी है कई बार, उसके बाद भी आप इसे खुला रखते हैं, उचित नहीं है। (व्‍यवधान) और मैं जब्‍त कर लूंगी आइन्‍दा।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: जब्‍त करो साहब, अभी करो साहब। अभी जब्‍त करो साहब।

श्री अध्‍यक्ष: पी.ए.डी. मिनिस्‍टर कह रहे हैं कि अभी जब्‍त करो, यहां लाकर रख दो।(व्‍यवधान) रख दो यहां लाकर, हां, ये रख देंगे। (व्‍यवधान) आसन अभी तो पांवों पर है, आसन जब बैठ जाएगा तब आप यहां लाकर रख दीजिये।

श्री जीतमल खांट(बागीडोरा): सबकी जेब चैक की जाये।

श्री अध्‍यक्ष: जेब की तलाशी की आवश्‍यकता नहीं है, बन्‍द करके रखें, उसकी अनुमति है लेकिन यदि किसी की घंटी बोलेगी तो उसका जब्‍त किया जायेगा। (व्‍यवधान)

उपरोक्‍त प्रस्‍ताव का विषय ऐसा नहीं है कि सदन की पूर्व निर्धारित कार्यवाही को रोककर इस पर विचार किया जाये, अत: अनुमति देने में तो असमर्थ हूं और वैसे भी माननीय सदस्‍य को बजट पर सामान्‍य वाद-विवाद के अवसर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

इससे पहले कि मैं प्रक्रिया के नियम 295 के अन्‍तर्गत प्राप्‍त सूचनाओं को पढ़कर सुनाऊं, पर्ची हमेशा ऐसे विषय पर दी जाती है जिसका रीसेंट आकरेंस हो मतलब फौरन ही, कुछ ही समय पहले जो घटना घटी हो और इतनी महत्‍वपूर्ण घटना हो कि उसके ऊपर अपनी बात सदन में रखनी आवश्‍यक हो लेकिन मैं यह देख रही हूं कि पर्ची चाहे जिसकी आप लोग उठाकर देते हैं, मैं समझती हूं कि उस पर इस तरह से चर्चा करके सदन का समय है, वह एक तरह से बरबाद तो मैं नहीं कहूंगी, हां, व्‍यर्थ में गंवा रहे हैं जबकि बहुत महत्‍वपूर्ण बातों पर चर्चा की जा सकती है।

नियम 295 के अन्‍तर्गत प्राप्‍त विशेष उल्‍लेख की सूचनाएं

(1)श्री संयम लोढ़ा, सदस्‍य की ओर से जिला सिरोही के बरलूट थाना पुलिस द्वारा जावाल के एक व्‍यापारी को अफीम के मामले में झूठा फंसाने के सम्‍बन्‍ध में।

यहां किसी व्‍यक्तिगत, किसी की भी पैरवी करने के लिए इस सदन में      माननीय सदस्‍य का कुछ भी कहना, मैं उचित नहीं समझती हूं। (व्‍यवधान)

(2) श्री भरत सिंह, सदस्‍य की ओर से कोटा सम्‍भाग में जैविक खाद की मांग नहीं होने के उपरान्‍त भी ग्राम सहकारी समितियों को वितरित करने के सम्‍बन्‍ध में।

(3) श्री शिवजीराम मीणा, सदस्‍य की ओर से देवली से माण्‍डल सड़क का निर्माण शीघ्र करवाने के सम्‍बन्‍ध में।

(4) श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल, सदस्‍य की ओर से सिंचित क्षेत्र के काश्‍तकारों को आवंटित भूमि की किस्‍म परिवर्तन के नाम पर अन्‍तर राशि लिये जाने के सम्‍बन्‍ध में।

(5) श्री नवरतन राजोरिया, सदस्‍य की ओर से विधान सभा क्षेत्र फुलेरा के कालख बाँध की पाल पर भीखावास की सिवाय चक भूमि का नियम विरुद्ध किये गये आवंटन के सम्‍बन्‍ध में।

(6) श्री बद्रीलाल जाट, सदस्‍य की ओर से दी मेवाड़ शुगर मिल्‍स लिमिटेड भूपालगढ़ को बन्‍द कर दिये जाने से उत्‍पन्‍न स्थिति के सम्‍बन्‍ध में।

(7) श्री हरिसिंह रावत, सदस्‍य की ओर से भीम में राजकीय महाविद्यालय एवं राजकीय तकनीकी शिक्षण केन्‍द्र खोलने के सम्‍बन्‍ध में।

(8) श्री मोहन मेघवाल, सदस्‍य की ओर से जोधपुर के प्रताप नगर क्षेत्र के बालिका विद्यालय में विज्ञान एवं वाणिज्‍य संकाय खोलने के सम्‍बन्ध में।

(9) श्री पुष्‍पेन्‍द्र सिंह, सदस्‍य की ओर से अनुसूचित जाति/जनजाति के गरीब पशुपालकों, भेड़पालकों के बीमित पशुओं का बीमा कम्‍पनियों द्वारा दावा राशि का भुगतान नहीं करने के सम्‍बन्‍ध में।

(10) श्री बाबूसिंह राठौड़, सदस्‍य की ओर से विधान सभा क्षेत्र शेरगढ़ में कृषि उपज मण्‍डी यार्ड की स्‍वीकृति एवं भूमि आवंटन के सम्‍बन्‍ध में।

(11) श्री नन्‍दलाल पूनिया, सदस्‍य की ओर से तहसील राजगढ़ के ग्राम डिंगली के बालिका विद्यालय में बालकों को भी प्रवेश देने के सम्‍बन्‍ध में।

(12) श्री बीरूसिंह राठौड़, सदस्‍य की ओर से जयपुर विकास प्राधिकरण से मान्‍यता प्राप्‍त एक आवासीय कालोनी का सैकड़ों वर्ष पुराना आम रास्‍ता 61 सब एरिया के सैनिक अधिकारियों द्वारा जबरन बन्‍द कर देने के सम्‍बन्‍ध में।

माननीय सदस्‍यों को उनके द्वारा दी गई सूचना को पढ़ने की अनुमति होगी।

श्री जुबेर खान(रामगढ़): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हम 30-35 माननीय सदस्‍यों ने एक स्‍थगन प्रस्‍ताव लगाया था एक हफ़्ता पहले और आपने चार दिन पहले यह व्‍यवस्‍था दी थी कि सरकार को भेजा गया है और जवाब आने के बाद व्यवस्‍था दी जायेगी। मेरा आपके माध्‍यम से सरकार से निवेदन है कि..

श्री अध्‍यक्ष: कौनसा प्रस्‍ताव? कौनसा प्रस्‍ताव?

श्री जुबेर खान: राजस्‍थान सरकार के एक केबिनेट स्‍तर के मंत्री द्वारा 26 जनवरी, 2006 गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर जिस तरह का भाषण उन्‍होंने कोटा के उम्‍मेदसिंह स्‍टेडियम में दिया, वह चिंता का विषय है तो उस पर आप सरकार से कहिये कि वह अपना जवाब तुरन्‍त भेजे और आप उसको लिस्‍ट करिये।

श्री अध्‍यक्ष: आप स्‍थान ग्रहण करें। यह अभी अभी प्राप्‍त हुआ है और इसे मैं देख रही हूं और देखने के बाद उस पर कोई व्‍यवस्‍था दूंगी। श्री खुशवीर सिंह।

श्री संयम लोढ़ा: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, एक ऐसा महत्‍वपूर्ण मामला मुझे साढ़े नौ बजे के बाद प्राप्‍त हुआ है जिसमें पुलिस निदेशालय दूरसंचार ने फिजिकल के लिए लड़के-लड़कियों को बुला लिया जो लिखित परीक्षा में पास हुए थे और वे अपनी 12वीं के एग्‍जाम को छोड़कर फिजिकल देने के लिए आये और उसके बावजूद उनका फिजिकल लिया नहीं और उनको बाहर निकाल दिया....

श्री अध्‍यक्ष: काहे के इन्‍टरव्‍यू पर बुलाया?

श्री संयम लोढ़ा: यह भर्ती जो निकाली थी पुलिस महानिदेशक ने, मैं उस सम्‍बन्‍ध में आपकी आज्ञा से निवेदन करना चाहता हूं।

श्री अध्‍यक्ष: पुलिस भर्ती? अच्‍छा।

श्री संयम लोढ़ा: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पुलिस महानिदेशक कार्यालय राजस्‍थान जयपुर ने 14 जून, 2005 को इस सम्‍बन्‍ध में विज्ञप्ति जारी की थी भर्ती के लिए और इस पर बहुत स्‍पष्‍ट लिखा था कि जो इस विज्ञापन के बिन्‍दु (12) में जो योग्‍यता लिखी हुई है, पुलिस दूरसंचार के लिए हायर सैकण्‍डरी विज्ञान मय भौतिकी शास्‍त्र एवं गणित...

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: अध्‍यक्ष महोदय, पर्ची भी नहीं है इनकी, इनका स्‍थगन भी नहीं है। आप काहे पर अनुमति दे रहे हैं? इनकी कोई पर्ची नहीं है, कोई स्‍थगन नहीं है।

श्री संयम लोढ़ा: जिन बेरोजगारों को आपने...

श्री अध्यक्ष: ऐसा है कि ये मुझसे चैम्‍बर में मिले थे।

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: अच्‍छा, आपने अनुमति दे दी है, फिर ठीक है।

श्री अध्‍यक्ष: मैंने अनुमति इसलिए दी है कि जो लड़कियां अपनी एग्‍जामिनेशन छोड़कर इन्‍टरव्‍यू के लिए आईं और उन्‍हें इस आधार पर मना किया गया कि हमें साइंस वाली नहीं चाहिए, साइंस बायोलोजी वालों का हम इन्‍टरव्‍यू नहीं लेंगे, जबकि पहले उन्‍हें साक्षात्‍कार के लिए बुला लिया गया। यह इतना महत्‍वपूर्ण मामला था इसलिए मैंने उन्‍हें इसकी अनुमति दी है।

श्री अमराराम(धोद): आप क्‍या उसके खिलाफ हो?

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: नहीं, आपने अनुमति दी है तो ठीक है।

लिखित परीक्षा पास अभ्‍यर्थियों के शारीरिक परीक्षण से

पुलिस (दूरसंचार) निदेशालय का इन्‍कार

श्री संयम लोढ़ा: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि जो कार्यालय महानिदेशक पुलिस राजस्‍थान ने 14 जून, 2005 को इस सम्‍बन्‍ध में विज्ञापन भर्ती के लिए जारी किया गया था, इसमे बहुत स्‍पष्‍ट 12वें बिन्‍दु में योग्‍यता पुलिस दूरसंचार के द्वारा मांगी गई थी, उसमें हायर सैकण्‍डरी विज्ञान मय भौतिकी शास्‍त्र एवं गणित अथवा समकक्ष और उसके बाद माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पुलिस निदेशालय ने 16 अक्‍टूबर, 2005 को इस सम्‍बन्‍ध में परीक्षा आयोजित की ओर जो लोग इस परीक्षा में पास हो गये, उनको 14 फरवरी, 2006 को पत्र भेजा कि आप शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए 9 मार्च, 2006 को जयपुर आयें.....

bhs/usc/11.3.06/1110/1b

माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इम्‍तहान चल रहे हैं बोर्ड के इसके बावजूद नौकरी की आस में बड़ी संख्‍या में बच्‍चे और बच्चियां उस शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए जयपुर आये और 9 मार्च को जो शारीरिक दक्षता की परीक्षा जयपुर में सरकार ने रखी हुई थी उसमें उनको अपियर होने देने  के लिए मना कर दिया और वा बच्चियां उधर एग्‍जाम से भी चूकीं।  यहां उनकी नौकरी की आस में जहां पर आयी थी वो भी नहीं हुआ और यह मेरे पास पुलिस महानिदेशक का विज्ञापन मौजूद है जिसमें समकक्ष को अलाऊ किया गया था।  मैं आपके माध्‍यम से सरकार का ध्‍यान आकृष्‍ट करना चाहता हूं कि इस संबंध में जिन बच्‍चों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से वंचित किया गया है और विज्ञापन देने के बाद इस आधार पर वंचित किया गया कि वो ...।

श्री अध्‍यक्ष: और परीक्षा से भी वंचित कर दिया गया है।

श्री संयम लोढ़ा: इसलिए  मैं आपके माध्‍यम से  माननीय मंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि ऐसी जिन बच्चियों को वंचित किया गया है उनके लिए सीट आरक्षित रखने की घोषणा करें जिससे उनकी वापस शारीरिक दक्षता परीक्षा ली जा सके और उन बच्चियों की जो योग्‍यता है उसके आधार पर उनका फैसला किया जा सके।  मेरे पास में माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह सुमन सांखला पुत्री श्री नाथूलाल सांखला जिसको यह शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया था और उसके बावजूद उसको एपियर नहीं होने दिया गया इसमें तमाम विवरण उसका मौजूद है और इस‍तरह वह अकेली बच्‍ची नहीं है माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इसमें कम से कम डेढ़ दो दर्जन बच्‍चे बच्चियां ऐसी हैं जिनको जो पात्रता रखी गयी थी जिनको शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया लेकिन उसके बाद उनको बाहर निकाल दिया गया और इतना ही नहीं जब वो माननीय अध्‍यक्ष महोदय, डी.जी. साहब से मिलने के लिए वो तमाम बच्‍चे बच्चियां जा रही थी तो उनके दुःख पर उनके जले हुए पर नमक छिड़कने के लिए गुमानसिंह थानेदार ने उनकी जीप का चालान कर दिया इसलिए माननीय अध्‍यक्ष महोदय,  मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहता हूं कि माननीय गृह मंत्री जी विराजमान हैं, हमारे नौजवानों के भविष्‍य का मामला है कि वो एक तरफ तो इम्‍तहान से भी चूके और दूसरी तरफ यहां नौकरी का भी फेर पड़ गया इस संबंध में सरकार की ओर से स्थिति स्‍पष्‍ट करें।

श्री गुलाबचंद कटारिया (गृह मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह विषय एकदम मेरे सामने आया है तो पूरी डिटेल मेरे पास नहीं है पर जो आपने तथ्‍य सामने रखे हैं उनको ध्‍यान में रखते हुए मैं तमाम अपने अधिकारियों के साथ बैठ कर के, यह कहां क्‍या भूल हुई है क्‍या गलती हुई है जो कुछ भी हुआ है उसमें जहां कहीं भी अगर गलती हुई है तो उसको सुधारने में हमको कोई किसी प्रकार का कोई मन में संदेह होने का कारण नहीं है।  आपने विषय रखा है मैं विषय को देखूंगा क्‍योंकि तुरन्‍त उठाया तो मेरे पास उसके बारे में डिटेल जानकारी इस समय नहीं है ।  मैं निश्चित रूप से उसकी जानकारी भी करूंगा और अगर आप आसन से कहेंगे तो सदन में मैं जानकारी के बारे में...।

श्री अध्‍यक्ष:  4 बजे आप इस बारे में वक्‍तव्‍य दें क्‍योंकि वो ऐसा न हो कि वो बच्चियां परीक्षा से भी वंचित रह जाएं परीक्षा भी न दे पाये। शिक्षा मंत्री जी, कहीं ऐसा न हो कि परीक्षा भी न दे पाये और ये भी कोई परीक्षा न लें दोनों तरफ से ही चली गईं।

श्री गुलाबचंद कटारिया: मैं सोचता हूं कि इस विषय की जानकारी करके इस सदन को आपने 4 बजे के लिए का है मैं 4 बजे दे दूंगा।

श्री अध्‍यक्ष: ठीक है।

स्‍थगन प्रस्‍ताव आदि पर चर्चा

असमय वर्षा से फसल को हुआ नुकसान

श्री रामनारायण चौधरी (नेता प्रतिपक्ष): अध्‍यक्ष महोदय, मेरे पास अभी सुबह जिला कांगेस कमेटी झालावाड़ से टेलीफोन आया कि हाड़ोती क्षेत्र में की इतनी भयंकर वर्षा हुई पूरे हाड़ोती क्षेत्र में फसल का भयंकर नुकसान हुआ है ।  सारी फसल लेट गयी है और राज्‍य सरकार की तरफ से अभी तक कोई हलचल नहीं है ।  मैं आपकी मार्फत अनुरोध करूंगा सरकार से कि वहां वा‍स्‍तविक स्थिति क्‍या हुई कृषि मंत्री जी इस संबंध में जानकारी जब आप ठीक समझें आज या कल दिलवा दें।

श्री अध्‍यक्ष: कृषि मंत्री से चाहेंगे या अकाल राहत मंत्री से चाहेंगे।

श्री रामनारायण चौधरी: उधर मेरे ख्‍याल से बीमा भी होता है तो कृषि मंत्री से दिलवा दें चाहें राहत मंत्री जी से दिलावा दें आपकी इच्‍छा हो वैसे ही दिलवा दें।

श्री अध्‍यक्ष: राहत मंत्री देंगे इस बारे में।

श्री अमराराम (धोद):  अध्‍यक्ष महोदय, कोटा में ही नहीं सीकर में भी भयंकर ओलावृष्टि हुई है जिससे शत प्रतिशत बहुत भयंकर...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: आपके नेता बोल लिये बाकी क्‍या रह गया यह बताइये।

श्री महादेव सिंह (खंडेला): नेता महोदय ने हाड़ौती की बात कही है मैं तो श्रीमाधोपुर तहसील के रींगस कस्‍बे और श्रीमाधोपुर के पास अति ओलावृष्टि से जो नुकसान हुआ है उसके बारे में....।

श्री अध्‍यक्ष: हाड़ौती वाले तो पहुंच सकते हैं नेता के पास और खंडेला वाले नहीं पहुंच सकते अपनी बात कहने के लिए ।

श्री महादेव सिंह :  खंडेला वाले तो खुद ही बैठे हैं तो आपको डाइरेक्‍ट कह देंगे नेता महोदय को क्‍यों कहेंगे।  जब मैं आलरेडी यहां बैठा हूं तो मैं डाइरेक्‍ट आसन से कहूंगा, सरकार से कहूंगा। ...(व्‍यवधान)...

श्री सुभाषचन्‍द्र शर्मा (कोटपूतली): अध्‍यक्ष महोदय, मेरे कोटपूतली विधान सभा क्षेत्र में भी कल ओलावृष्टि हुई है भयंकर तरीके से कोटपूतली, नीम का थाना में भी भयंकर ओलावृष्टि हुई है और काफी फसल तबाह हो गयी है।   मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहता हूं सरकार से कि इसकी  तुरन्‍त जानकारी करें और जानकारी करके किसानों को क्‍या रिलीफ दिलवा रहे हैं, कोटपूतली और नीम का थाना क्षेत्र में भयंकर ओलावृष्टि हुई है।

श्री नरेन्‍द्र कुमार नागर (खानपुर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पूरे हाड़ौती क्षेत्र में लगभग डेढ़ इंच बरसात हुई है और फसल तबाह हो गयी है।

श्री प्रहलाद गुंजल (रामगंजमंडी): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हाड़ौती संभाग में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है सैकड़ों गांवों में ओले गिरे और मेरे विधान सभा क्षेत्र में बी गांवों की शत प्रतिशत फसल नष्‍ट हो गयी है और बारां जिले के छबड़ा, छीपाबड़ौद में पिछले दो दिन से बारिश हो रही है और कोटा जिले के अधिकांशत: गांवों में ओलों के साथ साथ अंधड़ और बारिश ने इतनी भारी तबाही मचायी है, मैं आपके माध्‍यम से सरकार से उम्‍मीद करूंगा कि इस विषय पर सरकार को बयान देना चाहिए और माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से राजस्‍थान सरकार से यह भी मांग करता हूं कि पिछले दिनों जब कोटा हाड़ौती में ओले गिरने से फसल बरबाद हुई और चार सौ रुपये बीघा का मुआवजा लेकर जब अधिकारी गये तो हाड़ौती के किसानों ने मुआवजा लेने से मना कर दिया कि लाखों रुपये की फसल के बरबादी के बाद ऊँट के मुँह में जीरा जैसी कहावत प्रचलित करके उस किसान का भला नहीं कर सकते।  मैं राजस्‍थान सरकार से यह मांग करता हूं कि जो सारे राजस्‍थान में जिस प्रकार से प्राकृतिक प्रकोप के कारण आपदा आयी है इसमें विशेष पैकेज का प्रावधान करके वो किसान जिसके खेत पर फसल पकने की कगार पर खड़ी थी और वो मेड़ पर बैठ कर ...।

श्री अध्‍यक्ष: आप दो अन्‍य सदस्‍य क्‍यों खड़े हैं आप किस बात के लिए खड़े हैं मेरी समझ में नहीं आ रहा है।

श्री प्रहलाद गुंजल:  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, कल तक मेड़ पर खड़ा होकर चार दिन बाद वो उस फसल को काट कर अपनी बेटी के ब्‍याह की, अपने बेटे के ब्‍याह की योजना बना रहा था आज वो मेड़ पर बैठ करके रो रहा है आज हमको उस विषय में सोचना पड़ेगा।

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, आप स्‍थान ग्रहण करें।  अभी क्‍या स्‍टेटमेंट देंगे आकाश पर बादल हैं अभी तो और हो सकती है।

श्री प्रहलाद गुंजल: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आज उसके बारे में सोचना पड़ेगा मैं उम्‍मीद करता हूं कि सरकार इस बारे में वक्‍तव्‍य दे और वक्‍तव्‍य केवल इतना सा नहीं दे कि हम उसका सर्वे करायेंगे, उसकी गिरदावरी करायेंगे ....।

श्री अध्‍यक्ष:  अभी खतरा टला नहीं है खतरा मौजूद है।

श्री प्रहलाद गुंजल: वाजिब मुआवजा देंगे, प्रावधान के बगैर हर किसान के उस घाव को भर नहीं सकते ।  आज वो किसान बैठा-बैठा रो रहा है।

श्री अध्‍यक्ष: अंकित नहीं हो।

श्री बद्रीलाल जाट (कपासन): ***

श्री दाताराम गुर्जर (खेतड़ी): ***

श्री नरेन्‍द्रकुमार नागर: ***

श्री अध्‍यक्ष: मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि बात हो गयी एक बार कह दी अब आप क्‍या कहना चाहते हैं बाड़मेर से आने वाले माननीय सदस्‍य? अब आप अपने स्‍थान पर बैठे रहें। ...(व्‍यवधान)...

श्री कन्‍हैयालाल पाटीदार (पिड़ावा): ***

श्री तगाराम चौधरी: ***

श्री अध्‍यक्ष: श्री खुशवीरसिंह जोजावर। बाड़मेर से आने वाले माननीय सदस्‍य, मैं आपसे कह रही हूं स्‍थान ग्रहण कर लें।  श्री खुशवीरसिंह जोजावर।  नाथद्वारा से आने वाले माननीय सदस्‍य, कृपया शांत रहें। आप जोर से क्‍यों बोल रहे हैं बोलें तो धीरे बोलिये न।

डॉ. सी.पी.जोशी:  क्‍या करें जोर से बोलें तो सुनते हो आप।

श्री खुशवीरसिंह जोजावर (खारची): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, धन्‍यवाद आपने समय दिया।  मैं आपसे निवेदन करना चाहूंगा कि एक तरफ सरकार अपने बजट में कई बातें पर्यावरण के बारे में कह रही हैं लेकिन हकीकत यह है कि आज पाली जिले में जो जिला मुख्‍यालय है पाली और वहां पर लगभग एक हजार छपाई की फैक्ट्रियां लगी हुई हैं और उनमें जहां से हमारे मंत्री महोदय भी पाली से ही हैं।  मैं अनुरोध करना चाहूंगा आपके माध्‍यम से सरकार को कि उन फैक्ट्रियों का जो प्रदूषित जल जो निकल रहा है माननीय अध्‍यक्ष महोदय, वो पूरा का पूरा एसिड उस नदी में प्रवाहित हो रहा है और लगभग 45 से 50 किलोमीटर तक जो सूखी नदी है हमारे यहां डेजर्ट है पिछले दस वर्षों से बारिश नहीं हो रही है और पहाड़ सूखा पडा है सभी नाले सूखे पड़े हैं लेकिन वो नदी जिसमें एसिड आ रहा है वो पेरेनियल रीवर हो गयी है वो बारहमासी नदी हो गयी है और पचास किलोमीटर तक बारहमासी नदी बह रही है न जाने वो जल कहां से आ रहा है ।  ये फैक्ट्रियों वाले कहां से पानी लेकर आ रहे हैं।  एक तरफ तो हाहाकार मचा हुआ है...

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पीने को पानी नहीं है और हकीकत है सभी ट्युब वैल सूख चुके हैं, हैंड पम्‍प सूख चुके हैं, फ्लोराइउ की मात्रा इतनी बढ गई है लेकिन उन फैक्ट्रियों में पानी न जाने कौनसी नहर से  कहां से प्राप्‍त हो रहा है और वह पानी यूं कि यूं नदी में दूषित जल पूरा का पूरा एसिड नदी में प्रवाहित हो रहा है । अध्‍यक्ष महोदय, सबसे दुर्भाग्‍य की बात यह है कि उसके आगे एक नेहडा बाँध करोडों रुपये लगाकर सरकार बनाया है और उस नेहडा बाँध में मैं जाकर आया हूं । उस बाँध के ऊपर जो पानी भरा हुआ है उस बाँध के ऊपर से अगर कोई पक्षी उडकर चला जाता है तो वह उस जहर की वजह से अंदर गिर जाता है । जिस प्रकार बरमूडा केनाल में कोई भी जहाज ऊपर से नहीं निकल सकता है उसी प्रकार हमारे पाली जिले का इतना दूषित बाँध बना दिया जिसके ऊपर से कोई पक्षी उडकर निकल जाये तो अंदर गिर कर मर जाता है । अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपका ध्‍यान इस और आकर्षित करना चाहूंगा उसके लिये ट्रीटमेंट प्‍लांट बने हुए हैं । करोडों रुपये लगाकर सरकार ने ट्रीटमेंट प्‍लांट बनाये लेकिन ट्रीटमेंट प्‍लांट नाम मात्र के हैं । आज वह बंद पडे हैं । उस ट्रीटमेंट प्‍लांट का एक भी कार्य सुचारू रूप से नहीं चल रहा है । अध्‍यक्ष महोदय, यह मैं नहीं कह रहा हूं यह राजस्‍थान प्रदूषण नियन्‍त्रण मंडल ने भी माना है कि पाली ट्रीटमेंट प्‍लांट राष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहा है । बिना शुद्धीकरण प्रभावी तेजाबी पानी नदी में बह रहा है ।

श्री अध्‍यक्ष: अब आप बात समाप्‍त करें ।

श्री खुशवीर सिंह जोजावर: एक सैकण्‍ड में कर  रहा हूं । 70 किलोमीटर नदी के दोनो तरफ दो-दो, तीन-तीन किलोमीटर नदी के दांये बांये आज कुओं में प्रदूषित जल हरे और लाल रंग का पानी निकल रहा है और तेजाबी पानी बाहर आ रहा है । लोगों को मजबूर होकर वह पानी पीना पड रहा है और उससे बीमारियां फैल रही हैं । आज आप अगर उस जल में हाथ डालकर बाहर निकल दें आपके एक घंटे में स्‍कीन डिजीज हो जायेगी ।

अध्‍यक्ष महोदय, इसलिए मैं आपके माध्‍यम से सरकार का और माननीय मंत्री महोदय का ध्‍यान आकर्षित करना चाहूंगा कि आप उस दूषित जल को तुरन्‍त रुकवाइये और जो ट्रीटमेंट प्‍लांट लगे हुए हैं जो सरकार दावा कर रही है कि ट्रीटमेंट प्‍लांट चल रहे हैं और वह ट्रीटमेंट प्‍लांट सुचारू रूप से चल रहे हैं तो नदी में पानी प्रवाहित क्‍यों किया जा रहा है । आप उनको रीयूज क्‍यों नहीं करते हैं । फैक्ट्रियों में दोबारा आप उसी जल को उपयोग करें तो जो पानी की कमी है उसमें भी फर्क पडेगा और यह प्रदूषण भी कम होगा, धन्‍यवाद ।

श्री रणवीर‍सिंह गुढा:अध्‍यक्ष महोदय, मैं बिगड़ती कानून व्‍यवस्‍था के संदर्भ में आपसे दो मिनट का समय चाहूंगा ।

श्री अध्‍यक्ष: श्री भरत सिंह 295 पढंगे ।

श्री रणवीर‍सिंह गुढा: अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से निवेदन करना चाहूंगा ..

श्री अध्‍यक्ष: अभी नहीं, 295 पढेंगे ।

श्री रणवीर‍सिंह गुढा: अध्‍यक्ष महोदय, दो मिनट का समय ले रहा हूं ।

श्री अध्‍यक्ष: अभी नहीं प्‍लीज आप मेहरबानी करके स्‍थान ग्रहण कर लें । 295 चल रहा है ।

श्री रणवीर सिंह गुढा: अध्‍यक्ष महोदय, सुरजगढ में बारात के साथ मारपीट हुई है ।

श्री अध्‍यक्ष: श्री भरत सिंह जी ।

नियम 295 के तहत विशेष उल्‍लेख

जैविक खाद का अवांछित वितरण

श्री भरत सिंह (दीगोद): अध्‍यक्ष महोदय, मैं कार्य संचालन संबंधी नियम 295 के तहत आपका ध्‍यान  कोटा संभाग में सहकारी विभाग के माध्‍यम से निजी जैविक खाद विक्रेताओं को लाभ प्रदान करने हेतु मांग नहीं होने के उपरान्‍त भी 5204765 राशि का जैविक खाद ग्राम सेवा सहकारी समितियों को वितरण करने हेतु बाध्‍य करनेकी और आकर्षित करना चाहूंगा ।

अध्‍यक्ष महोदय, कोटा संभाग में सहकारी विभाग की उच्‍च स्‍तर पर की गई धांधली व कमीशन प्राप्‍त करने की नीयत से सहकारी समितियों के माध्‍यम से किसानों को बी कम्‍पोनेन्‍ट के तहत अन्‍य रासायनिक खाद के साथ जैविक खाद लेने के लिये बाध्‍य किया गया है । कृषि के बाजार में अनेक निजी कम्‍पनियां विभिन्‍न नाम व ब्राण्‍ड से बाजार में उतरी है । सहकारी विभाग में उच्‍चतम स्‍तर पर कमीशन प्राप्‍त करने की नीयत से किसी प्रभावशाली व्‍यक्ति ने राजफैड के महाप्रबन्‍धक (कृषि आदान) के माध्‍यम से जून 2006 में पत्र लिख क्षेत्रीय  कार्यालय राजफैड कोटा व क्रय विक्रय समितियों का उपयोग करके कोटा संभाग में 5204785 रुपये का जैविक खाद का वितरण वर्ष 2005-06 में किया है । जहां इस खाद का भुगतान राजफैड द्वारा निजी कम्‍पनियों को कर दिया गया है वहीं बिना किसानों की मांग के मंगाया गया यह खाद आज भी कोटा संभाग की कई ग्राम सेवा सहकारी समितियों व क्रय विक्रय समितियों के गोदामों में पडा हुआ है । जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों ने खाद किसानों को बेचा गया है वहां भी किसानों की इच्‍छा के विपरीत बी कम्‍पोनेंट के साथ इस खाद को लेने पर बाध्‍य किया है । इस प्रकार सहकारी विभाग में उच्‍च पदासीन लोगों ने अपने लाभ हेतु प्रदेश के किसानों को व सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित किया है । कोटा संभाग में क्रय विक्रय समिति सांगोद, अन्‍ता,इटावा, सुल्‍तानपुर, बांरा, रामगंजगण्‍डी, छबडा, केशोरायपाटन व कोटा के माध्‍यम से 5204765 रुपये का खाद वितरण किया गया है । इस प्रकरण की शिकायत संभागीय आयुक्‍त कोटा को काडा की बैठक में भी की गई थी व संभागीय आयुक्‍त ने उपरोक्‍त विषय पर सहकारिता विभाग जयपुर को जांच हेतु लिखा  गया है । जांच क्‍योंकि सहकारी विभाग से ही संबंधित है व उसी के उच्‍च अधि‍कारियों को जांच करने हेतु लिखा गया है तो जांच के क्‍या परिणाम निकलेंगे यह विचारणीय है । प्रश्‍न जैविक खाद के उपयोगिता या गुणवत्‍ता का नहीं है प्रश्‍न यह है कि क्‍या सहकारी विभाग किसी निजी व्‍यवसाय को बढोत्‍तरी प्रदान करने हेतु इस प्रकार से किसानों को बाध्‍य कर सकती है ।

श्री अध्‍यक्ष: आपने शायद इसको वापस पढा नहीं क्‍योंकि आपके फीगर्स में फर्क है । आपने देने के बाद इसको पढा नहीं है । ठीक है विराजिए । पढिये आप इसे जरा एक जगह 85 है और एक जगह 65 है । श्री शिवजीराम मीणा ।

देवली से माण्‍डल सड़क निर्माण

श्री शिवजीराम मीणा(जहाजपुर): श्री अध्‍यक्ष: मैं विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 295 के तहत विशेष उल्‍लेख करना चाहूंगा ।

अध्‍यक्ष महोदय, मैं राजस्‍थान विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 295 के अंतर्गत विशेष उल्‍लेख द्वारा ऐसा विषय सदन में उठाना चाहता हूं जो अत्‍यन्‍त लोक महत्‍व का है । भीलवाडा जिले की मुख्‍य सड़क देवली(टोंक) से माण्‍डल तक वाया जहाजपुर, शाहपुरा, बनेडा होते हुए राष्‍ट्रीय राजमार्ग संख्‍या-79 को मिलाती है । इस सड़क के देवली से जहाजपुर का भाग एमडीआर-7, जहाजपुर से शाहपुरा का भाग राज्‍य राजमार्ग-39 एवं शाहपुरा से मांडल तक का भाग राज्‍य राजमार्ग-12 के नाम से जाना जाता है । इस मार्ग पर जयपुर, टोंक एवं कोटा से अहमदाबाद, मुम्‍बई तथा सवाई माधोपुर से बडौदा के लिए गैस टेंकर तथा चित्‍तौडगढ, जहाजपुर, मांडलगढ, बिजौलिया एवं सावर से खनिजों का परिवहन किया जाता है । जिससे बहुतायत में भारी वाहनों का आवागमन रहता है ।

इस सड़क पर वर्तमान समय में लगभग सात हजार छोटे बडे वाहन गुजरते हैं जिसके अनुसार वर्तमान सड़क को 7 मीटर की चौडाई बढाकर उसकी मोटाई भी बढाई जाना आवश्‍यक है ।

यहां पर मैं यह भी निवेदन करना चाहूंगा कि राज्‍य सरकार के ओदश क्रमांक एफ.2 (68)पीडब्‍ल्‍यू/एएस/2000/डी-251 दिनांक 22.9.2005 के द्वारा इस सड़क के निर्माण एवं विकास हेतु राजस्‍थान राज्‍य सड़क विकास  एवं निर्माण निगम लिमिटेड को स्‍थानान्‍तरित की गई थी । परन्‍तु निगम द्वारा इस सड़क की वायबिलिटी एवं फिसिबिलिटी नहीं होने के आधार पर निर्माण एवं विकास कार्य प्रारम्‍भ नहीं किया गया है । जबकि सड़क के विकास के पश्‍चात ही वाहनों का आवागमन बढेगा और मार्ग की वायबिलिटी और फिसिबिलिटी हो सकेगी ।

अंत: मेरा सरकार से आग्रह है कि राजस्‍थान राज्‍य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड जयपुर के माध्‍यम से देवली से मांडल सड़क का निर्माण शीघ्र कराने की व्‍यवस्‍था करावें ।

श्री अध्‍यक्ष: श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल ।

सिंचित क्षेत्र के काश्‍तकारों से किस्‍म परिवर्तन के नाम से अन्‍तर-राशि की वसूली

श्री वीरेन्‍द्र बेनीवाल(लूणकरणसर): अध्‍यक्ष महोदय, मैं प्रक्रिया के नियम 295 के तहत सिंचित क्षेत्र के काश्‍तकारों को आवंटित भूमि की किस्‍म परिवर्तन के नाम पर अन्‍तर राशि लिए जाने के संबंध में विशेष उल्‍लेख करना चाहूंगा ।

अध्‍यक्ष महोदय, बीकानेर जिले में कंवरसेन लिफ्ट एवं अन्‍य नहरी क्षेत्र के काश्‍तकारों को उपनिवेशन विभाग द्वारा भूमि का सर्वे कर कमांड या अनकमांड भूमि का आवंटन किया गया था । आवंटन के बाद से काश्‍तकारों द्वारा आवंटित भूमि के सिंचित रकबे को अलावा उबड-खाबड व असिंचित भूमि को अपने अनेक वर्षों के कठोर परिश्रम एवं अपार धन व्‍यय करके समतल कर अनकमांड से कमांड योग्‍य बनाया गया । जब उक्‍त काश्‍तकारों द्वारा अपनी आवंटित भूमि के खातेदारी अधिकार पत्र लेने हेतु राजस्‍व विभाग के कार्यालय में सम्‍पर्क किया जाता है तो ऐसे में विभाग द्वारा अनकमांड से कमांड हुई भूमि की किस्‍म परिवर्तन के नाम पर प्रति बीघा अंतर राशि की मांग की जाती है ।

इसी क्रम में मेरा आपसे निवेदन है कि जिस अनकमांड रकबे को काश्‍तकार द्वारा अपनी मेहनत से तथा स्‍वयं का धन व्‍यय करके सिंचाई योग्‍य बनाया गया है, ऐसे रकबे की किस्‍म परिवर्तन (सिंचित से असिंचित) के नाम पर अंतर राशि की मांग करना न सिर्फ अव्‍यवहारिक है बल्कि गरीब काश्‍तकारों पर अन्‍याय है ।

अंत: इस हेतु मेरा आपसे निवेदन है कि काश्‍तकारों को आवंटन के समय जिस मूल्‍य पर भूमि आवंटित की गई थी उसी आधार पर उन्‍हें खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं ।                                         

ans\akt\1130\11.3.2006\1d\1

श्री अध्‍यक्ष: श्री नवरतन राजौरिया

फुलेरा के कालख बाँध की पाल पर भीखावास की

सिवाय चक भूमि का नियम विरुद्ध आवंटन

   श्री नवरतन राजौरिया(फुलेरा): अध्‍यक्ष महोदय, मैं राजस्‍थान विधान सभा के प्रक्रिया के नियम 295 के तहत  विधान सभा क्षेत्र फुलेरा के कालख बाँध की पाल पर भीखावास की सिवायचक भूमि का नियम विरूद्ध किये गये आवंटन की और माननीय राजस्‍व मंत्री जी का ध्‍यान आकर्षित करना चाहता हूं।

कालख बाँध सिंचाई विभाग के अधीन है, निर्माण सन् 1883 में हुआ था, इस बाँध की भराव क्षमता 730 एम.सी.एफ.टी. है। इस बाँध से लगभग 19510 एकड़ भूमि में सिंचाई की जाती है। बाँध की पाल ग्राम भीखावास के खसरा नं. 141 से 146 व 153 के अंतर्गत आती है।

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य 1883 में निर्माण हुआ इसका ?

श्री नवरतन राजौरिया: जी साहब। 1883 में, बहुत पुराना बाँध है।

श्री अध्‍यक्ष: 1883 की बात कहां से आई?

श्री नवरतन राजौरिया: अंग्रेजों के समय में निर्माण हुआ और काफी पुराना बाँध है। जयपुर जिले का सबसे बड़ा बाँध था।

श्री अध्‍यक्ष: जंच नहीं रही बात, समझ में नहीं आई बात मेरे तो।

श्री नवरतन राजौरिया: खसरा नं. 143 सिंचाई विभाग के नाम दर्ज है जिस पर विभाग की चौकी बनी हुई है, खसरा नं. 142 बाँध की  ऊपरी पाल है।

खसरा नं. 141,144,145,146,153 जो कि सिवाय चक भूमि थी का आवंटन किसी निजी व्‍यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है जबकि उक्‍त खसरे बाँध की पाल के अंतर्गत आतह हैं। खसरा नं. 144,145  पर निजी व्‍यक्ति द्वारा पेड़ों की कटाई कर पाल को जोत दिया गया, जिससे पाल की ऊँचाई कम हो गई है। इसके फलस्‍वरूप पूर्ण भराव क्षमता के पानी आ जाने पर बाँध को खतरा उत्‍पन्‍न होने की स्थिति पैदा हो गई है।

अत: आपके माध्‍यम से मेरा माननीय राजस्‍व मंत्री जी से निवेदन है कि भीखावास ग्राम के खसरा नं. 141,144,145,146,153 जो कि कालख बाँध की पाल के हिस्‍से हैं इन पर खेती अथवा किसी भी अन्‍य प्रकार का कार्य करने से बाँध की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। अंत: इन सभी खसरा नं. का आवंटन जो अन्‍य व्‍यक्ति को कर दिया गया है को राज्‍य हित में रद्द  करें। साथ ही इस तथ्‍य की भी जांच कराएं कि बिना सिंचाई विभाग की अनुमति के आवंटन में राजस्‍व विभाग के कौन-कौन अधिकारी लिप्‍त हैं। उनके खिलाफ भी जांच कराकर सख्‍त कार्यवाही कराने की कृपा करें, धन्‍यवाद।

श्री अध्‍यक्ष: श्री बद्रीलाल जाट।

मेवाड़ शुगर मिल्‍स लि. भूपालगढ़ को बन्‍द किये जाने से उत्‍पन्‍न स्थिति

श्री बद्रीलाल जाट(कपासन): माननीय अध्‍यक्ष महोदय नियम 295 के तहत सदन का ध्‍यानाकर्षण करने के संबध में निवेदन है कि विधान सभा क्षेत्र कपासन में प्रमुख समस्‍या दी. मेवाड शुगर मिल्‍स लि. भुवालसागर को बन्‍द कर दिये जाने से उत्‍पन्‍न हुई। क्षेत्र की कीर्ति को बढ़ाने वाली ये धरती गन्‍ने की खेती  व अपने सत्‍व बल से समृद्ध थी। लेकिन  पूर्व के कुछ वर्षों में अलपवृष्टि के कारण गन्‍ने  में कमी आने लगी थी ऐसी स्थिति में मिल मालिक अरूण कुमार ढाढनिया ने उसी समय से ही गन्‍ने की पिराई करना तो बन्‍द करा ही दिया था, साथ ही गन्‍ने की बुवाई को भी प्रोत्‍साहन देना बंद कर दिया, जिससे क्षेत्र के किसानों के हितों के साथ भारी अन्‍याय हुआ है।  साथ ही मजदुरों एवम मिल के कर्मचारियों के साथ भी भारी कुठाराघात हुआ है। उन्‍हें माह जून 2001 से बाद का वेतन आज तक नहीं दिया गया है। जिससे गरीब मजदूरों एवम कर्मचारियों के परिवारजनों    के भूखो मरने की नौबत आ गई है। उक्‍त मिल मालिक कर्मचारियों को 56 महीनों का वेतन नहीं देना चाहता है तथा वेतन नहीं देकर उनको स्‍वेच्‍छा से त्‍यागपत्र प्रस्‍तुत करने हेतु बाध्‍य कर रहा है। अंत: मजदूरों एवम कर्मचारियों की पुकार के रूप में सदन का ध्‍यान आकर्षित करना चाहता हूं कि कर्मचारियों का अब तक 56 माह का वेतन दिलाये जाने की कृपा करें। साथ ही मिल की सम्‍पत्ति को सरकार के कब्‍जे में लिये जाने के आदेश प्रदान करावें ताकि गन्‍ने की बुवाई समय पर पुन: चालू करवा कर सहकारिता आधार पर किल को चालू करने की सम्‍भावना को जीवन्‍त किया जा सके।

अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से विनम्र शब्‍दों में निवेदन करना चाहूंगा  सरकार को, आदरणीय उद्योग मंत्रि जी हमारे चित्‍तोड़ से ही है हमें गर्व है कि उनके माध्‍यम से यह समस्‍या अतिशीघ्र सुलझने का प्रयास करेंगी। मेवाड़ शुगर मिल का जो कारखाना है उसमें मोलासिस लगभग....

श्री अध्‍यक्ष: आपने 295 पढ़ दिया, अब आप और क्‍या कह रहे हैं ?

श्री बद्रीलाल जाट: नहीं, उसका हल बता रहा हूं।

श्री अध्‍यक्ष: हल का नहीं होता है, 295 में केवल पढ़ना होता है।

श्री बद्रीलाल जाट: अध्‍यक्ष महोदय, लगभग दो से तीन करोड़ के बीच में मोलासिस मूल्‍य वेल्‍यू का वहां पडा हुआ है। अंत: 56 महीने हो गए हैं और उनकी मूलभूत आवश्‍यकताएं जल, बिजली, पानी मिल मालिक ने बंद कर रखी है।

श्री अध्‍यक्ष: ठीक है। उद्योग मंत्रि जी आप ध्‍यान दे लेना थोड़ा । श्री  हरिसिंह रावत।

भीम में राजकीय महाविद्यालय व तकनीकी शिक्षण केन्‍द्र

श्री हरिसिंह रावत(भीम): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, राजस्‍थान विधान सभा के प्रकिया एवं कार्य संचालन नियम 295 के माध्‍यम से निवेदन है कि मेरा विधान सभा क्षेत्र आज भौगोलिक, सामाजिक एवम आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा क्षेत्र हैं, एवम पूर्व में देश आजाद हुआ तब से केवल कांग्रस ने ही राज्‍य किया था, जिसकी वजह से शैक्षणिक, आर्थिक एवम सामाजिक दृष्टि से विकास कार्यों की तरफ कभी ध्‍यान नहीं दिया गया।

महोदय, मेरा विधान सभा क्षेत्र जहां रावत बाहुल समाज रहता है जो कि भौगोलिक, आर्थिक दृष्टि से एक अन्‍य पिछड़ा वर्ग में आता है एवम यह क्षेत्र जहां पर कृषि भूमि केवल नाम मात्र 1 या 2 बीघा जमीन भी एक परिवार  के हिस्‍से नहीं आती है। मगरा क्षेत्र होने  से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी बहुत कमजोर है। वहां की जनता अपने परिवार के भरण पोषण के लिए केवल मजदूरी या सरकारी या गैर सरकारी नौकरियों  पर निर्भर है जिसके लिए वहां की जनता या तो दिल्‍ली या गुजरात में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है।

महोदय, आज हमारी सरकार शिक्षा के प्रति काफी जागरूक होते हुए निजी संस्‍थाओं को आमंत्रित कर रही है, जिसके तहत कई निजी संस्‍थाएं आगे आई है, एवम कई जगहों  पर निजी विश्‍वविद्यालय खोले जा रहे हैं।

महोदय, लेकिन  मेरा क्षेत्र रावत बाहुत ओ.बी.सी. वर्ग में आता है जो आर्थिक, सामाजिक एवम शैक्षणिक दृष्टि से अत्‍यन्‍त ही पिछड़ा है, जहां की जनता निजी क्षेत्र में कालेज या तकनीकी शिक्षण संस्‍था के बारे में सोचना आसमान से तारे तोडने वाली  बात चरितार्थ   होगी अंत: ना नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी, अर्थात यह योजना मात्र कल्‍पना मात्र रह जाएगी। 

महोदय, मेरा विधान सभा क्षेत्र जिला मुख्‍यालय से 110 किलोमीटर दूर अंतिम छोर पर स्थित है एवम 70-80 किलोमीटर की परिधि में कोई महाविद्यालय, तकनीकी संस्‍थान नहीं है जिसके कारण मेरा क्षेत्र  शैक्षणिक, आर्थिक व सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है लेकिन आज हमारी सरकार से आस बनी है कि इस बजट में भीम में राजकीय महाविद्यालय एवम तकनीकी संस्‍थान खोलकर वसुन्‍धरा विकास महाकुंभ में सम्मिलित कर भीम  विधानसभा क्षेत्र की जनता को तोहफा स्‍वरूप राज्‍य सरकार द्वारा  राजकीय महाविद्यालय एवम राजकीय तकनीकी शैक्षणिक संस्‍थान खोलकर अनुग्रहित करावें, धन्‍यवाद।

श्री अध्‍यक्ष: श्री मोहन मेघवाल।

जोधपुर के प्रताप नगर क्षेत्र के

बालिका विद्यालय में विज्ञान एवं वाणिज्‍य संकाय

श्री मोहन मेघवाल(सूरसागर): अध्‍यक्ष महोदय, नियम 295 के द्वारा मैं आपके मार्फत राजस्‍थान की की यशस्‍वी मुख्‍यमंत्री का धन्‍यवाद ज्ञापित करना चाहता हूं कि इन्‍होंने अपने दो वर्ष के अल्‍पकाल में राजस्‍थान प्रदेश में ऐसे कार्य किए हैं जो आजादी के बाद कभी नहीं हुए। निश्चित ही माननीया मुख्‍यमंत्री महोदया की यह सोच सर्वथा सराहनीय है कि जिस प्रदेश में शिक्षा विशेषत: महिला शिक्षा एवम रोजगार नहीं होगा उस प्रदेश के समग्र विकास की कल्‍पना ही नहीं की जा सकती है। इसी सोच को केन्‍द्र में रखते हुए इन्‍होंने राज्‍य में हजारों बेरोजगारों को रोजगार प्रदान किया है एवम राज्‍य के दूरस्‍थ गांव व ढाणियों, शहरी क्षेत्रों एवम अनुसूचित जाति व अनुसू‍चित जनजाति के क्षेत्रों में निवास करने वाले लाखों परिवारों को अच्‍छी शिक्षा देने के लिहाज से कई महत्‍वपूर्ण व ऐतिहासिक निर्णय लिये है। इनके कुशल वित्‍तीय प्रबंधन, जल संचयन अभियान, समग्र ग्रामीण विकास के लिए सड़कों का जाल तथा स्‍वस्‍थ हरित विकसित राजस्‍थान का सपना संजोते हुए जो शिक्षा संबल महा-अभियान चालाया वह सराहनीय है। इन्‍हीं दूरगामी निर्णयों का परिणाम आज हमारे सामने आया है कि पिछली सरकार जो कार्य अपने पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में नहीं कर सकी वही कार्य इनके नेतृत्‍व में दो वर्षों में ही पुरे हो गए हैं एवम सरकार अपनी कल्‍याणकारी व विकासोन्‍मुखी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाती ही जा रही है।

Ddm/akt/110306/1140/1e

माननीया मुख्‍य मंत्रीजी की प्रमुख प्राथमिकताओं में राज्‍य में शिक्षा का विकास है एवं सबको शिक्षा के उद्धेश्‍य से की गई पहल के तहत ही विगत दो वर्षों में लगभग एक करोड़ 15 लाख के विद्यार्थियों को 126 करोड़ रुपये कीमत की पाठ्य पुस्‍तकें वितरित की गयीं। लगभग साढे अड़तीस हजार शिक्षकों की नियुक्तियां पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए की है। जो वास्‍तव में काबिले तारीफ है। माननीया मुख्‍य मंत्री महोदया ने राज्‍य कर्मचारियों के आश्रितों, बाहरी सहायता से संचालित परियोजनाओं, माध्‍यमिक शिक्षा, प्रारम्भिक शिक्षा, कॉलेज शिक्षा, महिला शिक्षा, विशेषत: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं की शिक्षा, माध्‍यमिक व उच्‍च माध्‍यमिक में अध्‍ययन करने वाली ग्रामीण छात्राओं  के लिए आने जाने हेतु नि:शुल्‍क बस पास की सुविधा, घुघरी के अतिरिक्‍त अन्‍य स्‍वाद भी विद्यालयों में प्रारम्‍भ किए, इसके अतिरिक्‍त राज्‍य के विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, नव विद्यालयों का सृजन व क्रमोनयन आदि कई एसे कार्य किए हैं जिनकी आज राज्‍य ही नहीं अपितु राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सराहना हो रही है। इस हेतु अध्‍यक्ष्‍ं महोदया, मैं आपके मार्फत माननीय शिक्षा मंत्रि महोदय को भी धन्‍यवाद ज्ञापित करना चाहता हूं जिन्‍होंने माननीया मुख्‍य मंत्री महोदया की नीतियों का पालन करवाने में उनका कन्‍धे से कन्‍धा किलाकर सहयोग किया।         

मैं माननीया मुख्‍य मंत्री महोदया एवं शिक्षा मंत्रीजी से यह निवेदन करना चाहता हूं कि जोधपुर शहर का जो निरन्‍तर विस्‍तार हो रहा है उसमें अधिकतर मेरा विधान सभा क्षेत्र ही प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्‍त मेरे विधान सभा क्षेत्र के शहरी भाग में बहुत बड़ी संख्‍या में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों का निवास है एवं आपके ही प्रयासों से प्रतापनगर क्षेत्र में कार्यरत बालिका विद्यालय को अभी हाल ही में क्रमोन्‍नत किया गया है। जिसमें अध्‍ययन करने वाली बालिकाओं में लगभग 80-85 प्रतिशत छात्राएं अनुसूचित जाति/जनजाति की हैं। इस विद्यालय के अतिरिक्‍त हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में चल रहे राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय, सिंवाची गेट में भी मध्‍यम वर्ग के छात्र-छात्राएं अध्‍ययन कर रही हैं। इन विद्यालयों में आज भी वाणिज्‍य व विज्ञान विषय नहीं होने से या तो इन गरीब व मध्‍यम वर्गीय परिवार के छात्र/छात्राओं को अन्‍यत्र दूरस्‍थ विद्यालयों में जाना पड़ता है अथवा इन्‍हीं विद्यालयों में मजबूरन कला वर्ग में प्रवेश लेना पड़ रहा है। यदि इन विद्यालयों में वाणिज्‍य व विज्ञान विषयों की सुविधाएं स्‍वीकृत कर दी जाती हैं तो यहां गरीब, मध्‍यमवर्गी व अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र व छात्राओं को काफी फायदा होगा । मैं उम्‍मीद करता हूं कि माननीया मुख्‍य मंत्री महोदया व शिक्षा मंत्री महोदय इस सम्‍बन्‍ध में उचित निर्णय आगामी शिक्षा सत्र से पूर्व लेकर यह सुविधा नव शिक्षा सत्र में प्रारम्‍भ कर देंगे। धन्‍यवाद।

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, 295 के लिए केवल ढाई सौ शब्‍द ही लिखे जाते हैं। आपने बहुत बड़ा लिख दिया था, खैर आज पढ़ लिया लेकिन भविष्‍य में ध्‍यान रखियेगा। यह केवल ढाई सौ शब्‍दों में ही लिखा जाना चाहिए। (व्‍यवधान) बात जो आपको यहां बतानी है, वह तो 250 शब्‍दों में भी बतायी जा सकती है।  Brevity is the soul of wit, यह है। (व्‍यवधान) हर आदमी ब्रीफ नहीं हो सकता है। मैंने कहा ना, brevity is the soul of wit.

श्री रामनारायण चौधरी: आपका आदेश पालनीय है लेकिन मान्‍यवर, आपके दफ्तर में इसकी एडिटिंग हो जानी चाहिए, काट देना चाहिए बड़ा हो तो।

श्री अध्‍यक्ष: नहीं, ऐसा नहीं किया जा सकता है, बिल्‍कुल नहीं काटा जाता, प्रतिपक्ष के माननीय नेता जैसा आप देते हैं, यथावत रखा जाता है और वैसे ही पढ़ा जाता है यह आपको गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।

श्री रामनारायण चौधरी: उनको रिटर्न कर दो जिनके 250 से ज्‍यादा शब्‍द हों, उनको रिटर्न कर दो। और फिर बाद में वे पढ़ जाएं तो यहां आसन से टोकाटोकी मत करें।

श्री अध्‍यक्ष: फिर आपके जैसे माननीय सदस्‍य कहने लग जाएंगे कि हमारा लिखा हुआ काट दिया। वह स्‍वयं ही करें अपना ब्रीफ। श्री पुष्‍पेन्‍द्रसिंह राणावत।

जो लम्‍बा लिखें, उनको कहा करें कि थोड़ा शोर्ट करें, कहा करें उन्‍हें।

श्री हेमाराम चौधरी: यह 295 समस्‍या समाधान के लिये है या प्रशंसा करने के लिये। (व्‍यवधान) दोनों के लिये।

श्री अध्‍यक्ष: यह दोनों के लिये है, यह सदन में अपनी अभिव्‍यक्ति के लिये है, जैसा आप चाहें। प्रतिपक्ष किसी चीज का समर्थन करता है तो आप उसका विरोध करते हैं, यह तो मर्जी की बात है।

श्री पुष्‍पेन्‍द्रसिंह राणावत, नहीं हैं ? ठीक है।

(अनुपस्थित)

श्री बाबूसिंह राठौड़।

शेरगढ़ में कृषि उपज मण्‍डी यार्ड की स्‍वीकृति

श्री बाबूसिंह राठौड़(शेरगढ़): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, प्रक्रिया के नियम 295 के तहत लेख है कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के किसानों द्वारा ट्यूबवैल अत्‍यधिक मात्रा में खुदवाये गये हैं, अंत: खरीफ फसल के बाद रबी की फसल का उत्‍पादन अच्‍छी मात्रा में किसानों द्वारा किया जा रहा है, वैसे तो सभी प्रकार की जिन्‍सों का उत्‍पादन होता है जिसमें मुख्‍यत: बाजरा, मोठ, ग्‍वार, अरण्‍डी, गेहूं, सरसों, रायड़ा, जीरा मिर्च एवं मूंगफली का उत्‍पादन होता है। किसानों द्वारा उत्‍पादित फसलों को बेचने हेतु स्‍थानीय मण्‍डी नहीं होने के कारण उनका उचित मूल्‍य किसानों को स्‍थानीय व्‍यापारियों से नहीं मिलता है। इस कारण किसानों को अपनी फसल बेचने हेतु अन्‍यंत्र कृषि मण्‍डी अर्थात जोधपुर, औसियां, फलौदी जाना पड़ता है। इस प्रकार फसल परिवहन पर व्‍यय होने के कारण किसानों की फसलों की लागत बढ़ जाती है एवं उन्‍हें आर्थिक हानि उठानी पड़ती है।

उपरोक्‍त परिस्थितियों के कारण शेरगढ़ विधान सभा क्षेत्र में एक मण्‍डी सब यार्ड की आवश्‍यकता महसूस की जा रही है। इसकी मांग भी किसानों द्वारा बारबार की जा रही है। इस विधान सभा क्षेत्र में बालेसर एवं देचु हैं जो कि शेरगढ़ कृषि उत्‍पादन के केन्‍द्र हैं। अत: जोधपुर-जैसलमेर के मुख्‍य मार्ग पर बालेसर अथवा देचु के आस-पास कृषि मण्‍डी यार्ड बनाने की अनुमति जारी करवाने का श्रम करें। धन्‍यवाद।

श्री अध्‍यक्ष: श्री नन्‍दलाल पूनिया।

राजगढ़ के ग्राम डिंगली के बालिका विद्यालय में बालकों को भी प्रवेश

श्री नन्‍दलाल पूनिया(सादुलपुर): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, राजस्‍थान विधान सभा के कार्य संचालन के नियम 295 के तहत निवेदन है कि ग्राम डिंगली में बालिका उच्‍च प्राथमिक शाला है जहां पर आठवीं तक की लड़कियां शिक्षा ग्रहण करती हैं। आठवीं तक की शाला में छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाता । इस गांव में एक प्राथमिक शाला है जिसमें लड़के एवं लड़कियां पढ़ते हैं। पांचवीं परीक्षा पास करने के बाद कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने के लिये लड़कों को 5-6 किलोमीटर दूर जाने पर काफी समस्‍या होती है। जबकि गांव में ही मिडिल स्‍कूल है। (व्‍यवधान)

  अंत: मेरा आपके माध्‍यम से शिक्षा मंत्रीजी से निवेदन है कि या तो ग्राम डिंगली में राजगढ़ (चूरू) में एक मिडिल स्‍कूल लड़कों के लिये खोला जावे या आठवीं तक के लड़कों को कन्‍या मिडिल स्‍कूल में ही प्रवेश देने की इजाजत दी जावे। ग्राम डिंगली काफी बड़ा गांव है जिसमें 400-450 घरों की आबादी है। अंत: आबादी को देखते हुए एक मिडिल स्‍कूल लड़कों के लिए खोला जाना चाहिए या कन्‍या शाला में प्रवेश की इजाजत दी जावे। धन्‍यवाद।

श्री अध्‍यक्ष: श्री बीरूसिंह राठौड़।

जयपुर की आवासीय बस्‍ती का आम रास्‍ता सैन्‍य अधिकारियों द्वारा अवरुद्ध

प्रो.बीरूसिंह राठौड़(बनीपार्क): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, राजस्‍थान विधान सभा की प्रक्रिया एवं संचालन के नियमों के नियम 295 के तहत विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत कर निवेदन है कि मेरे विधान सभा क्षेत्र बनीपार्क की जयपुर विकास प्राधिकरण से मान्‍यता प्राप्‍त पूर्णत: विकसित कालोनीज क्रमश: कैलाश नगर, प्रेमनगर, कुमावत कॉलोनी व भारतेन्‍दु नगर के हजारों परिवार लगभग 50-60 हजार आम नागरिकों के सैंकड़ों वर्षों से कायम एकमात्र आम रास्‍ता जो आजादी से पूर्व के राजपूताना जयपुर स्‍टेट के नक्‍शों में भी सर्वेयर जनरल आफ इण्डिया द्वारा 1930-31 में प्राकशित हुआ तथा इस आम रास्‍ते बाबत अन्‍य पुख्‍ता राजस्‍व रिकार्ड, रेल्‍वे रिकार्ड भी मौजूद हैं। 1930 से आज तक इस मार्ग पर आम जनता का आवागमन रहा है 1 आजादी के बाद इस आम रास्‍ते के इर्द गिर्द भारतीय सेना को भूमि उपलब्‍ध हुई तब से सैनिकगण भी आम जनता के साथ  इस आम रास्‍ते का उपयोग कर रहे हैं। सेना ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले रास्‍तों पर कब्‍जा करके मात्र एक रास्‍ता जो एक तरफ जयपुर स्‍टेशन से खातीपुरा जाने वाली रोड को मिलाता है व दूसरी तरु यह रास्‍ता झोटवाड़ा से चांदपोल जाने वाली सड़क को मिलाता है, इससदियों पुराने रास्‍ते को जहां पक्‍की डामर सड़क है, सेना ने अपने स्‍तर पर ही बेऊर मार्ग नाम देकर पक्‍के गेट निर्माण कर दिये तथा सड़क के दोनों किनारों, छोर पर संगीनधारी सैनिक बैठाकर जबरन आम जनता, इस क्षेत्र में बसने वाले भूतपूर्व सैनिकों, मृत सैनिक आश्रितों के आवागमन में बाधा उत्‍पन्‍न करने की सीमा लांघ कर कई बार सैनिक अपने वाहनों में सशस्‍त्र सवार होकर कालोनीवासियों, महिला, बच्‍चों, बुजुर्गों भूतपूर्व सैनिकों के साथ दुर्व्‍यवहार मारपीट गाली-गलौच करते रहते हैं जिसकी सूचना जरिये एफ.आई.आर. पुलिस एवं जिला कलक्‍टर प्रशासन को भी प्राप्‍त है। इनके द्वारा मौका मुआयना भी किया गया है।    

Vps/ akt/ 11-03-06/ 1150/ 1f

   भूतपूर्व सैनिकों, सैनिक विधवाओं बाहुल्‍य वाली इन कालोनीज वासियों के आम रास्‍ते को रोका जाना इनके मौलिक अधिकारों का हनन है। माननीय न्‍यायालय ने भी इस प्रकार रास्‍ता अवरुद्ध किये जाने को गैर कानूनी माना है। दूसरी ओर देश, राष्‍ट्र आम नागरिकों के रक्षक माने जाने सेनिक, सेना अधिकारियों द्वारा हथियारों की नोक पर मार्ग अवरुद्ध करना, कॉलोनीज में जाकर बेरहमी से मारपीट, जान लेवा हमला करना किसी बड़ी दुर्घटना की प्रबल सम्‍भालना को दर्शाता है। अत:  विशेष उल्‍लेख प्रस्‍ताव के जरिए पुन: निवेदन है कि सेना को रास्‍ता अवरुद्ध नहीं किये जाने, शांतिपूर्ण माहौल कायम रखने के लिए पाबंद करवाया जाए। धन्‍यवाद।

श्री अध्‍यक्ष: प्रतापसिंहजी, महत्‍वपूर्ण मामला है, आप इस मामले में कुछ कहना चाहेंगे ?

श्री रणवीर सिंह गुढ़ा: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से दो मिनट का समय लेना चाहता हूं। आज बहुत गम्‍भीर विषय है। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: पहले मैं, आसन कोई व्‍यवस्‍था दे रहा है। गम्‍भीर ठीक है। स्‍थान ग्रहण कर लीजिए, माननीय सदस्‍य। बीरूसिंहजी ने अभी पढ़कर सुनाया कि रास्‍ते को ताला लगाकर बंद कर दिया। आम रास्‍ता है सदियों का रास्‍ता है, उसको बंद कर दिया तो उसके बारे में आप कुछ कह दें तो ठीक रहेगा क्‍योंकि इससे तो बहुत लोग प्रभावित हो रहे हैं। ... (व्‍यवधान)

श्री प्रतापसिंह सिंघवी: यह मेरी जानकारी में अभी-अभी प्रश्‍न आया है। इसमें क्‍या हो सकता है, मैं दिखवा लूंगा । ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: जी ?

श्री प्रतापसिंह सिंघवी: इसमें क्‍या हो सकता हैं, मैं दिखवा लूंगा, यह जानकारी में मेरे अभी-अभी आया है। किस प्रकार की क्‍या व्‍यवस्‍था हो सकती है, उसको दिखवा लूंगा।

श्री अध्‍यक्ष: ठीक है। पर्ची पर श्री जोगाराम पटेल बोलेंगे। पर्ची पर श्री जोगाराम पटेल बोलेंगे। ... (व्‍यवधान)

श्री रणवीर सिंह गुढा: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपसे कितनी देर पहले से निवेदन कर रहा हूं । पर्ची दे चुका हूं पहले से आपने .(व्‍यवधान) बाद में बुला लेंगे ?

श्री अध्‍यक्ष: आपकी कोई पर्ची नहीं है। चार पर्चियां जो आयी हैं, मैं पहले पर्ची पर बुलवाऊंगी, प्‍लीज स्‍थान ग्रहण कर लीजिए। ... (व्‍यवधान)

श्री रणवीरसिंह गुढ़ा: अध्‍यक्ष महोदय, मेरा गम्‍भीर विषय है। मैंने आपसे पहले भी दिया और अभी भी पर्ची दी है। ... (व्‍यवधान) माननीय अध्‍यक्ष महोदय, ऐसा नहीं हो सकता। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: कैसे नहीं हो सकता? यहां पर यही होगा जो आसन चाहेगा। ... (व्‍यवधान)

श्री रणवीर सिंह गुढ़ा: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं।

श्री अध्‍यक्ष: ऐसा कैसे नहीं हो सकता? क्‍या बात करते हो आप? ... (व्‍यवधान)

श्री रणवीर सिंह गुढ़ा: अध्‍यक्ष महोदय, परबतसर से बारात गयी सूरतगढ़ के गांव में, अध्‍यक्ष महोदय, दुल्‍हन के साथ छेड़खानी हुई। पूरी बारात को थाने में बैठाया। पूरे थाने को सस्‍पैण्‍ड करो। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: यह कोई बात होती है ? ऐसा नहीं हो सकता, यह कोई बात हुई आपकी? आप मुझे ... (व्‍यवधान)  रहे हो, मुझे मालूम है । ... (व्‍यवधान)

पर्ची के माध्‍यम से उठाये गये मुद्दे

जोधपुर सम्‍भाग में क्षतिग्रस्‍त व मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण

श्री जोगाराम पटेल (लूणी): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, सर्वप्रथम राजस्‍थान सरकार ने, ... (व्‍यवधान) मैं सर्वप्रथम भारत के पूर्व प्रधान मंत्री माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी साहब को बहुत-बहुत धन्‍यवाद देना चाहूंगा। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: कल आप बोले थे, माननीय सदस्‍य, सारी बातें सड़कों की कह दी थी। पर्ची पर मैंने आपसे निवेदन किया कि पर्ची पर वही मामले आने चाहिए जो वास्‍तव में रिसेंट आकरेंस हो। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: मैं विषय पर आ रहा हूं, सड़कों की कहूंगा बस। वहीं उठाऊंगा जो मुझे उठाना है। एक, आधा सैकण्‍ड की भूमिका के बाद विषय पर आ जाऊंगा। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: खैर, अब आप बोलिये, जब आपको मौका दिया है तो बोलिये लेकिन कल काफी लम्‍बे समय तक आप अपनी बात कह चुके थे। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: नहीं, कल तो मेरा समय काट दिया गया था 15 मिनट का ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: खैर, अच्‍छा कहिये-‍कहिये।

श्री जोगाराम पटेल: और उनकी एक अनूठी भारत के विकास की इस योजना में सड़कों का जो जाल बिछाया गया, उस योजना का लाभ उठाते हुए राजस्‍थान सरकार ने अपनी योग्‍यता के अनुसार उसका प्रदर्शन किया और भारत में प्रधान मत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया, इसके लिए मैं राजस्‍थान सरकार को बहुत धन्‍यवाद दूंगा।

दूसरा धन्‍यवाद और दूंगा कि राजस्‍थान राज्‍य में जोधपुर सम्‍भाग ने इस योजना का अनूठा लाभ उठाते हुए जोधपुर सम्‍भाग ने ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: एक तरफ तो आप धन्‍यवाद दे रहे हैं और दूसरी तरफ कह रहे हैं कि हालत बहुत खराब है, भारी रोष है। जनता में भारी रोष है। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: मैं आ रहा हूं। उस पर भी आ रहा हूं। जो धन्‍यवाद है वह धन्‍यवाद है और जो खराब है वह खराब है। ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: यह तीन-चार मिनट का समय है आपके पास। सीधा आ जाइये।

श्री जोगाराम पटेल: मैं तीन-चार मिनट में पूरी कर दूंगा, मेरा एक मिनट तो यूं ही चला गया।

जोधपुर सम्‍भाग में जो प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया और उसके लिए प्रधान मंत्री सड़क योजना के तहत जो सड़कें बनीं उसके लिए धन्‍यवाद। तीसरा धन्‍यवाद और कि राजस्‍थान सरकार ने कुल 18 स्‍टेट हाई-वे डिक्‍लेयर किये जिसमें से तीन ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: आप तो सीधा रोष पर आइये। आपने लिखा है कि रोष, तो रोष पर आ जाइये आप। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: मैं आ रहा हूं। मैं रोष पर आ रहा हूं। नेक्‍स्‍ट रोष पर आ रहा हूं। सीधा रोष पर नहीं आऊं ... (व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: काम इतने ज्‍यादा हुए हैं कि माननीय सदस्‍य को बोलना ही पड़ता है कुछ न कुछ तो। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: हां, असली बात तो यही है। तीन स्‍टेट हाई-वे मेरे विधान सभा क्षेत्र में डिक्‍लेयर किये । ... (व्‍यवधान)

श्री रामनारायण चौधरी: पार्लियामैंट्री अफेयर मिनिस्‍टर साहब, पर्ची के ऊपर कोई धन्‍यवाद या प्रशंसा गाये जाते हैं क्‍या ? पर्ची पर तो कोई घटना होती है, बात होती है। आप गाथा गा रहे हो । ... (व्‍यवधान)

श्री राजेन्‍द्र राठौड़: वह कर रहे हैं, क्‍या करें?

श्री जोगाराम पटेल: मैं घटना ही बता रहा हूं।

श्री रामनारायण चौधरी: आप गाथा गा रहे हो। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: डिक्‍लेयर किया परन्‍तु उसके बाद जो मेरी ... (व्‍यवधान)

श्री हेमाराम चौधरी: बोलना पडा, प्रशंसा तो सुनना मनुष्‍य की आदत है। ... (व्‍यवधान)

श्री जोगाराम पटेल: परन्‍तु मेरी गम्‍भीर समस्‍या है, उस समस्‍या की ओर ध्‍यान दिलाना चाहूंगा। वह समस्‍या है डब्‍ल्‍यू.बी.एम. से बी.टी. रोड वाला। बहुत पुरानी मेरी ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: तीन-चार मिनट तो आप धन्‍यवाद में खो दोगे।

श्री जोगाराम पटेल: नहीं-नहीं, मैं नहीं खोऊंगा। मैं तो पाइंट पर आऊंगा।

श्री अध्‍यक्ष: और रोष बताएंगे नहीं।

श्री जोगाराम पटेल: डब्‍ल्‍यू.बी.एम. से बी.टी. की प्रथम चरण की जो योजना थी, उस योजना के तहत मुझे कोई राशि आबंटित नहीं हुई। डब्‍ल्‍यू.बी.एम. से बी.टी. का जो सैकिण्‍ड स्‍टेज थी, उस सैकिण्‍ड स्‍टेज में भी जोधपुर जिले को बहुत ही कम धन आबंटित हुआ है। मात्र 47 लाख, जबकि अन्‍य जिलों को 3 करोड़, 35 करोड़ के आस-पास धन आबंटित हुआ है। इसलिए सबसे पहला मेरा निवेदन यह रहेगा कि डब्‍ल्‍यू.बी.एम. से बी.टी. की जो मेरी चार-पाँच अति महत्‍वपूर्ण सड़कें हैं जो पिछले करीब 15-20 वर्षों से ऐसी पड़ी हैं, जहां किसी भी हालत में चला नहीं जा सकता है और डब्‍ल्‍यू.बी.एम. की वजह से बड़े-बड़े खड्डे और बड़े-बड़े पत्‍थर हो गये हैं, वहां पर सड़क पर यातायात के साधन तो क्‍या पैदल आदमी भी नहीं चल सकता है इसलिए पहला मेरा निवेदन यह रहेगा कि उस डब्‍ल्‍यू.बी.एम. से बी.टी. सड़कों का जो कार्य है वह यथाशीघ्र स्‍पेशल स्‍वीकृति के तहत कराया जाए। दूसरा, डूंठारा से उतेसर की जो सड़क है वह सड़क इतिहास से लगाकर आज दिन तक ऐसे ही पड़ी है। पूर्व की सरकार के माननीय विधायक और पूर्व के माननीय मंत्री की उपेक्षा के कारण उसको जानबूझकर ऐसे ही रखा गया है और वह सड़क हमारे चार जिलों को मिलाने वाली है, पाली, जालौर, बाड़मेर और जोधपुर और इन चार जिलों को मिलाने वाली अति महत्‍वपूर्ण सड़क राजनैतिक उपेक्षा की वजह से ऐसी पड़ी है।

  मैं दूसरा निवेदन यह करूंगा माननीय सार्वजनिक निर्माण मंत्रीजी से कि उस सड़क को भी मेरी विशेष अनुमति के तहत स्‍वीकृत करायें और लास्‍ट में मिसिंग लिंक और रिन्‍युवल का कार्य भी अधूरे पड़े हैं, जिनकी वजह से काम इतने होने के बावजूद भी एक किलोमीटर, आधे किलोमीटर, दो किलोमीटर की जो सड़कें रह गयी हैं, मिसिंग लिंक या रिन्‍युवल की वजह से उससे जनता में रोष है इसलिए मैं निवेदन करूंगा कि जो इतने ऐतिहासिक काम हुए हैं, साथ के साथ मिसिंग लिंक या रिन्‍युवल के काम भी हो जाए तो एक इतिहास के रूप में अमर रहेगा। साथ ही साथ मैं ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: ऐतिहासिक काम हुए तो फिर रोष किस बात का है?

श्री जोगाराम पटेल: मैं आदरणीय कृषि मंत्रीजी से निवेदन करूंगा कि ... (व्‍यवधान)

श्री अध्‍यक्ष: ऐतिहासिक काम हुए हैं तो फिर रोष किस बात का है ?

श्री जोगाराम पटेल: रोष इस बात का है कि इतने काम होने के बावजूद भी थोड़ा सा रह गया। एक किलोमीटर चलने में बहुत तकलीफ आती है। एक किलोमीटर रह गया, आधा किलोमीटर रह गया, मिसिंग लिंक रह गयी, रिन्‍युवल रह गयी, उसका रोष है। साथ ही साथ मैं कृषि मंत्रीजी से भी निवेदन करूंगा कि उनकी सड़कें भी रिन्‍युवल के अभाव में, उपेक्षा के कारण ऐसी ही पड़ी हैं और उनके संबंध में भी मैंने बारबार निवेदन किया है और मुझे पूर्ण विश्‍वास है कि मेरी रिन्‍युवल की सड़कें और चार सड़कें जिनका नवीनीकरण करना है और जो चार नई सड़कें बनानी हैं, उसके संबंध में यथाशीघ्र निर्णय लेंगे।

श्री अध्‍यक्ष: हो गया, धन्‍यवाद।

श्री जोगाराम पटेल: मैं इतना निवेदन करते हुए पुन: दोनों का धन्‍यवाद, जय हिन्‍द, जय भारत।

श्री अध्‍यक्ष: श्री कालीचरण सर्राफ ।

केन्‍द्रीय सरकार द्वारा आवंटित केरोसीन में कमी

श्री कालीचरण सर्राफ( जौहरी बाजार): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं सदन के माध्‍यम से केन्‍द्रीय सरकार द्वारा जो केरोसीन का आबंटन किया जाता है उसमें निरन्‍तर कमी की जा रही है, पिछले तीन-चार सालों में उसके बारे में ध्‍यान आकर्षित करना चाहता हूं।

        माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्‍तर्गत उचित मूल्‍य की दुकानों के माध्‍यम से केरोसीन वितरित किया जाता है। हमारे प्रदेश में डबल गैस सलेण्‍डर होल्‍डर्स को छोड़कर सिंगल गैस सलेण्‍डर होल्‍डर्स को दो लीटर और शेष उपभोक्‍ताओं को पाँच लीटर केरोसीन दिये जाने की व्‍यवस्‍था पहले थी। प्रदेश में कुल 1,29,41,125 राशन कार्ड होल्‍डर्स हैं। इसमें से 21,38,414 डबल गैस सलेण्‍डर होल्‍डर्स हैं। इस प्रकार 1,08,02,711 इस प्रकार के राशन कार्ड होल्‍डर्स हैं, जिनको कि केरोसीन दिया जाता है। इसमें से 11,84,591 सिंगल गैस सलेण्‍डर होल्‍डर्स हैं और 96,18,120 अन्‍य उपभोक्‍ता है। इस हिसाब से लगभग 50,459.78 के.एल. प्रति माह हमें केरोसीन की आवश्‍यकता होती है परन्‍तु मुझे यह कहते हुए दुःख है कि 2002-03 में जहां 44674 के.एल. केरोसीन आबंटित किया जाता था, केन्‍द्र में यू.पी.ए. की सरकार आने के बाद उसमें निरन्‍तर कमी राजनैतिक भेदभाव करते हुए की जा रही है। 2003-04 में,  जहां 2002-03 में 44676 के.एल. केरोसीन हमें मिलता था....

Spp/usc/11.3.2006/1200/1g

वह 2003-04 में 43,492 कर दिया गया और 2004-05 में 42,459 कर दिया गया और 2005-06 में यह 42,417 के.एल.किया गया। निरन्‍तर इस प्रकार की कमी यह दर्शाती है कि केन्‍द्रीय सरकार राजनैतिक आधार पर और हमारे राज्‍य के साथ भेदभाव करना चाहती है। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्‍य मंत्रीजी ने, खाद्य मंत्रीजी ने और खाद्य सचिव जी ने केन्‍द्रीय सरकार को बार-बार पत्र लिखा है और उनको यह बताया है कि हमारे राजस्‍थान की भौगोलिक स्थिति अन्‍य प्रान्‍तों से भिन्‍न है । यहां 19 जिले तो इस प्रकार के हैं जहां वन क्षेत्र 10 प्रतिशत से कम है और रेगिस्‍तानी इलाकों में बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर इनमें तो 5 प्रतिशत वन क्षेत्र भी नहीं हैं। यहां पर पूरे राजस्‍थान में हजारों की तादाद में ग्रामीण छात्र शहरों में पढ़ने के लिये आते हैं, उनको भी केरोसीन की आवश्‍यकता रहती है तो जहां जिस प्रकार राशन कार्डों की संख्‍या बढ़ रही है, होना तो यह चाहिये कि केन्‍द्रीय सरकार बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के केरोसीन का कोटा ज्‍यादा करे, परन्‍तु दुर्भाग्‍य है और मुझे खेद है यह कहते हुए कि केन्‍द्रीय सरकार कोटे में निरन्‍तर कमी करती जा रही है। मैं चाहूंगा कि जो हमारे कांग्रेस के मित्र बैठे हैं यहां पर गरीबों के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उनकी केन्‍द्रीय सरकार है, उनको कम से कम यह कहना चािहये कि केन्‍द्रीय सरकार राजनैतिक भेदभाव के आधार पर गरीबों के साथ अन्‍याय नहीं करे और जो केरोसीन का कोटा निरन्‍तर कम किया जा रहा है उसको ज्‍यादा किया जाये और मैं खाद्य मंत्रीजी से भी अनुरोध करूंगा कि राज्‍य सरकार इस बारे में किस प्रकार के प्रयास कर रही हैं और केन्‍द्रीय सरकार किस प्रकार से यह आवंटन निरन्‍तर कम करती जा रही है, इसके बारे में आप क्‍या कर रहे हैं, इसके बारे में भी जानकारी दें तो यह उचित रहेगा । 

श्री अध्‍यक्ष: धन्‍यवाद । मोहम्‍मद माहिर आजाद। 

श्री कालीचरण सराफ: खाद्य मंत्रीजी से जवाब दिलाओ साहब। यह लाखों लोगों का सवाल है। आठ हजार के.एल. केरोसीन प्रति माह कम दिया जा रहा है। उसके बारे में राज्‍य सरकार को बताना चाहिये कि इस बारे में क्‍या व्‍यवस्‍था की जा रही है। 

मोहम्‍मद माहिर आजाद: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपके माध्‍यम से इस सदन का ध्‍यान आकर्षित करना चाहता हूं ...(व्‍यवधान) .. 

श्री मोहनलाल गुप्‍ता(किशनपोल): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, केरोसीन के मामले में जवाब देना चाहते हैं माननीय मंत्री महोदय को आदेश दें। ...(व्‍यवधान)...

मोहम्‍मद माहिर आजाद: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपने मेरा नाम पुकारा है।  ...(व्‍यवधान)...

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: केरोसीन का जो मामला माननीय सदस्‍य ने उठाया है, माननीय मंत्रीजी जवाब देना चाहते हैं।   ...(व्‍यवधान)...

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, पर्ची पर केवल वही बोलता है जो पर्ची देता है। मंत्रीजी कुछ बताना चाहते हैं  ...(व्‍यवधान)...

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह बहुत महत्‍वपूर्ण सवाल है। उनको केरोसीन नहीं मिल पा रहा है। माननीय अध्‍यक्ष महोदय, केरोसीन नहीं मिल पा रहा है, जयपुर के लोगों को बहुत बड़ी समस्‍या है। ...(व्‍यवधान) .. आप कृपया जवाब दिलवाइये।..(व्‍यवधान) ..      

श्री संयम लोढ़ा: पहले तो आप दोनों यह तय कर लो कि जयपुर से मंत्रि कौन बनेगा? दोनों बैठकर तय कर लो। ...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: अध्‍यक्ष महोदय, आपसे निवेदन है ;; ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: मैं मंत्रीजी को बाध्‍य नहीं कर सकती। ...(व्‍यवधान) ..

श्री कालीचरण सराफ: कम से कम मंत्रीजी को यह तो क‍हिये कि क्‍या व्‍यवस्‍था की है...(व्‍यवधान) ..

मोहम्‍मद माहिर आजाद: यहाँ फिक्सिंग मत करो। ...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: मंत्रीजी स्थिति स्‍पष्‍ट करेंगे कि वह केरोसीन की क्‍या व्‍यवस्‍था कर रहे हैं? ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: यह आसन किसी भी मंत्रि को बाध्‍य नहीं कर सकता। वह चाहे तो दें, वह चाहे तो नहीं बोलें। ...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: अगर मंत्रि महोदय जवाब देना चाहते हैं तो देदें। ...(व्‍यवधान) .

श्री अध्‍यक्ष: प्‍लीज स्‍थान ग्रहण करें। बहनजी, स्‍थान ग्रहण करें। बहनजी, आप स्‍थान ग्रहण कर लें। ...(व्‍यवधान) ..

एक माननीय सदस्‍य: यह फिक्सिंग है। ...(व्‍यवधान) ..

डॉ.किरोड़ीलाल :(खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री): माननीय अध्‍यक्ष महोदय, माननीय सदस्‍य ने जो ध्‍यान आकर्षित किया है, उसमें अभी राजस्‍थान को केरोसीन कम दिया जा रहा है। आंकड़े आपने सुने हैं माननीय सदस्‍य ने जो रखे हैं, उस हिसाब से 7742 के.एल. केरोसीन कम मिल रहा है पर मंथ और ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: ...(व्‍यवधान) .. काम नहीं चलेगा। ...(व्‍यवधान) ..

श्री संयम लोढ़ा: यह आपके रिकार्ड से जाहिर है कि फरवरी के पहले हफ्ते में अकाल में जितने मजदूर आपने लगाये, दूसरे में उससे कम लगाये राजस्‍थान में, तीसरे में उससे भी कम लगाये गये। केन्‍द्रीय सरकार का जवाब आप दे रहे हो, खुद का तो जवाब देदो। ...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: विषय क्‍या हो रहा है, चल क्‍या रहा है, यह केन्‍द्रीय सरकार की बात है।...(व्‍यवधान) ..

श्री संयम लोढ़ा: यह रिकार्ड पर है ...(व्‍यवधान) .. केन्‍द्रीय सरकार की बात कर रहे हो, पहले खुद की व्‍यवस्‍था तो देख लो ।...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहन लाल गुप्‍ता: यह खड़े हो गये, कोई विषय ही नहीं है अभी। ...(व्‍यवधान) ..

श्री कालीचरण सराफ: केन्‍द्रीय सरकार राजनीतिक भेदभाव के आधार पर राजस्‍थान के साथ सौतेला व्‍यवहार कर रही है, इसको राजस्‍थान की जनता कभी माफ नहीं करेगी। ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍यगण, स्‍थान ग्रहण कर लें।  ...(व्‍यवधान) ..

एक माननीय सदस्‍य: केरोसीन की बात करो । ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, स्‍थान ग्रहण कर लें। माननीय मंत्रीजी, आप केवल इतना बात दें कि आपने इस कोटा को बढ़ाने के लिये कब-कब, क्‍या प्रयत्‍न किये हैं, क्‍या चिट्ठी लिखी, बस इतना बता दें और कुछ नहीं। ...(व्‍यवधान) ..

श्री रामनारायण चौधरी(नेता, प्रतिपक्ष): वह इनसे तकसीम नहीं हो रहा है, सारा ब्‍लैक में बिक रहा है। ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: कहां बिक रहा है?

श्री अमराराम चौधरी(धोद): जितना तेल है उसमें से आधा ब्‍लैक में बिक रहा है। ट्रेक्‍टर में काम आ रहा है, बसों में काम आ रहा है, आप चैक करा लें। ...(व्‍यवधान) ..

श्री रामनारायण चौधरी: गांवों में बंट रहा है। ...(व्‍यवधान) ..

श्री महावीर प्रसाद जैन(सरकारी मुख्‍य सचेतक): आप बहुत जिम्‍मेदार हैं प्रतिपक्ष के नेता। ...(व्‍यवधान) ..

श्री रामनारायण चौधरी: हां, मैं जिम्‍मेदारी से बोल रहा हूं। ...(व्‍यवधान) ..

श्री अध्‍यक्ष: पर्ची के माध्‍यम से उन्‍होंने यह प्रश्‍न उठाया है कि लगातार केरोसीन का कोटा भारत सरकार कम करती जा रही है तो मैं केवल इतना जानना चाहती हूं कि भारत सरकार जो कोटा कम करती जा रही है, आपने उसे बढ़ाने के बारे में क्‍या क्‍या कब-कब चिट्ठी लिखी, क्‍या प्रयत्‍न किये, यह बता दीजिये, खत्‍म बात। अब आप कह रहे हो आधे से ज्‍यादा बिक रहा है, वह एक अलग प्रश्‍न है। वह अलग प्रश्‍न आप उठाओ। आप उठाइये उसे। 

श्री संयम लोढ़ा: जो घोटाले माननीय खाद्य आपूर्ति मंत्रीजी ने खुद पकड़े थे उदयपुर जाकर वह तो बताओ आप। ...(व्‍यवधान) ..

(व्‍यवस्‍था सूचक घण्‍टी)

जो घोटाले माननीय मंत्रीजी ने खुद पकड़े, उसका क्‍या हुआ? 

श्री कालीचरण सराफ: केन्‍द्रीय सरकार का कोई भी मामला होता है और यह खड़े हो जाते हैं बिना किसी बात के खड़े हो जाते हैं।

श्री अध्‍यक्ष: माननीय सदस्‍य, आसन की गरिमा का ध्‍यान रखना आपका कर्तव्‍य है । जब मैंने पूछा है कोई बात और आसन ने व्‍यवस्‍था दी है आप बीच में क्‍यों खड़े हो जाते हैं ? मंत्रीजी, आप अपने प्रयत्‍न बता दीजिये, खत्‍म बात।...(व्‍यवधान) .. बता देंगे,  आप क्‍यों बीच में बोल रहे हैं?

डॉ.सी.पी.जोशी: जवाब दे रहे हैं तो इनके पास रिकार्ड है या तो आठ बजे देते, छह बजे देते, जब यह तैयार ...(व्‍यवधान) .. अब आप मैच फिक्सिंग की जैसे करना चाहते हैं क्‍या हाउस को?

श्री संयम लोढ़ा: उनका हिसाब लेकर कि कितना केरोसीन कहां-कहां जा रहा है और हम पूछते हैं ... ...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: अगर गरीबों के हित में यह जवाब भी लेकर आये हैं तो अच्‍छी बात हैं। ...(व्‍यवधान) ..

श्री कालीचरण सराफ: हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि आपकी कारगुजारियों को यहां पर लाकर बतायें सदन में ... ...(व्‍यवधान) ..

डॉ.सी.पी.जोशी: कोई ध्‍यानाकर्षण प्रस्‍ताव होता तो समझ में आता, मंत्रीजी जानकारी लेकर आते, ध्‍यानाकर्षण प्रस्‍ताव है । यह तो पर्ची का मामला था कैसे मालूम आपको।  ...(व्‍यवधान) ..

श्री संयम लोढ़ा: फिक्सिंग के जरिये यहां स्‍टेटमेंट हो रहा है। ...(व्‍यवधान) ..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: माननीय मंत्री महोदय अगर जानकारी लेकर आये हैं तो वह सजग हैं, जनता के प्रति जागरूक हैं । ...(व्‍यवधान) ..

श्री कालीचरण सराफ: दो घंटे वाली पर्ची निकाली ही इसलिए जाती हे कि राज्‍य सरकार उसका जवाब दे।  ...(व्‍यवधान) ..

डॉ.सी.पी.जोशी: कोई जवाब नहीं होता।   ...(व्‍यवधान) .. माननीय मंत्रीजी ने कहा हम पता लगायेंगे। ...(व्‍यवधान) ..

श्री कालीचरण सराफ: माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पर्ची  इसलिए निकाली जाती है कि दो घण्‍टे में सरकार उसका जवाब लेकर आये। क्‍या बात कर रहे हैं आप?...(व्‍यवधान) .. शिरोधार्य है यह नियम। ...(व्‍यवधान) ..

डॉ.श्रीगोपाल बाहेती: अध्‍यक्ष महोदय, मंत्रीजी यह भी बता दें कि इन्‍होंने अजमेर का कोटा कम क्‍यों किया? अजमेर का कोटा कम करके भीलवाड़ा को दिया और अजमेर में जो ब्‍लैक हो रहा है राशन का, उसकी क्‍या व्‍यवस्‍था कर रहे हैं?

श्री कालीचरण सराफ: अजमेर की यहां कहां से बात आ गयी? ...(व्‍यवधान)..

श्री मोहनलाल गुप्‍ता: माननीय मंत्री महोदय बतायें, बहुत सजग मंत्री हैं।...(व्‍यवधान) ..

श्री जोगाराम पटेल: केन्‍द्र सरकार की जो सारी नीतियां हैं, भेदभाव की नीतियां हैं, राजस्‍थान सरकार के साथ वह भेदभाव किया जा रहा है, उसके अगर तथ्‍य सामने आ रहे हैं तो मेरे प्रतिपक्ष के भाइयों को एतराज हो रहा है। कल यह कह रहे थे, यह सुनने को तैयार नहीं। मंत्रीजी जवाब दे रहे हैं। ...(व्‍यवधान) ..

डॉ.सी.पी.जोशी: भारत सरकार के खिलाफ प्रस्‍ताव लाइये आप ...(व्‍यवधान)..

एक माननीय सदस्‍य: आप लोग हर बात यूं ही करते हैं ­...(व्‍यवधान) ..

डॉ.सी.पी.जोशी: यह कोई पार्टी मीटिंग नहीं हैं, ...(व्‍यवधान) .. यह कोई बीजेपी की पार्टी मीटिंग नहीं है ...(व्‍यवधान) ..

एक माननीय सदस्‍य: पैसा केन्‍द्रीय सरकार खा गयी। ...(व्‍यवधान) ..

श्री जोगाराम पटेल: जनता का सबसे अंतिम व्‍यक्ति का जो अधिकार है, वह अधिकार यह केन्‍द्रीय सरकार ...(व्‍यवधान) ..

श्री रामप्रताप कासनिया: अध्‍यक्ष महोदय, इनके वाद-विवाद में हम भी फंसे जा रहे हैं। हमारा समय नष्‍ट हो रहा है। ...(व्‍यवधान) ..

श्री राकेश मेघवाल(नागौर): कोटा नागौर जिले का भी कम किया है, इसका कारण क्‍या है? माननीय मंत्रीजी ने कहा है कि इसमें भारत सरकार ने कोटा कम किया है इसलिये इसमें नाग