सुरेन्द्र/अरुण/26.3.07/11.00/1a
अशोधित प्रति प्रकाशनार्थ नहीं
राजस्थान
विधान
सभा
की कार्यवाही
का वृत्तान्त
अंक 7 बारहवीं
विधान
सभा
के सातवें सत्र का
छब्बीसवां
दिवस संख्या
17
सोमवार, 26 मार्च,2007
राजस्थान
विधान
सभा
की बैठक
11:00
बजे
विधान सभा भवन जयपुर, में प्रारम्भ हुई।
(श्री रामनारायण
विश्नोई, उपाध्यक्ष, पदासीन)
तारांकित
प्रश्नोत्तर
श्री संयम लोढ़ा
(सिरोही): आज तो हाउस
को चलाओ, एडजोर्न
करने के लिए तो
नहीं पधारे?
श्री उपाध्यक्ष:
आपका सहयोग होगा
तो चलेगा।
श्री संयम लोढ़ा
(सिरोही): नहीं, आपके
आसन पर बिराजते
ही सीधे स्थगन
की सूचना आती है।
प्रश्न
संख्या 20
श्री उपाध्यक्ष:
श्री लालचन्द
कटारिया।
(अनुपस्थित
: कृपया आगे देखें।)
श्री हीरालाल।
विधान सभा
क्षेत्र निवाई
में सड़क निर्माण/मरम्मत
कार्य
21. श्री हीरालाल
(निवाई): क्या सार्वजनिक
निर्माण मंत्री
यह बताने की कृपा
करेंगे:-
(1) विधान सभा
क्षेत्र निवाई
में दिनांक 1 जनवरी,
2004 से 31 जनवरी, 2007 तक
सड़क निर्माण व
मरम्मत के क्या-क्या
कार्य किस-किस
मद में, कहां-कहां
व कितनी-कितनी
राशि के स्वीकृत
किये गये? इन कार्यों
में से कितने कार्य
पूर्ण हुए और कितने
अपूर्ण हैं? कार्यों
के अपूर्ण रहने
के क्या कारण
हैं और इन्हें
अब कब तक पूर्ण
कर दिया जाएगा?
(2) उक्त क्षेत्र
में वर्ष 2007-08 में
सड़क निर्माण व
मरम्मत के कौन-कौनसे
कार्य किस मद में
कितनी-कितनी राशि
के प्रस्तावित
हैं? विवरण सदन
की मेज पर रखें।
(3) क्या सरकार
राष्ट्रीय राजमार्ग
12 पर निवाई में रेलवे
क्रांसिंग पर ओवरब्रिज
निर्माण कराने
का विचार रखती
है? यदि हां, तो कब
तक व नहीं, तो क्यों?
(4) क्या यह सही
है कि उक्त विधान
सभा क्षेत्र की
बनास पुलिया से
मण्डावर तक बरोनी
से शिवाड़ तक की
सड़कें क्षतिग्रस्त
हैं? यदि हां, तो
सरकार इनकी मरम्मत
कब तक कराने का
विचार रखती है?
यदि नहीं, तो क्यों?
सार्वजनिक
निर्माण मंत्री
(श्री राजेन्द्र
राठौड़): (1) विधान
सभा क्षेत्र निवाई
में दिनांक 1 जनवरी,
2004 से 31 जनवरी, 2007 तक
सड़क निर्माण व
मरम्मत के कार्यों
का विवरण, स्वीकृत
राशि, पूर्ण/अपूर्ण
सूचना सहित, अपूर्ण
रहने का कारण व
अपूण कार्यों की
पूर्णता की सम्भावित
तिथि संलग्न परिशिष्ट
‘’अ’’ पर दर्शायी
गई है।
(2) विधान सभा
क्षेत्र निवाई
में वर्ष 2007-08 में
सड़क निर्माण एवं
मरम्मत के प्रस्तावित
कार्य, अनुमानित
लागत एवं मद का
विवरण संलग्न
परिशिष्ट ‘’ब’’ पर
दर्शाया गया है।
(3) राष्ट्रीय
राजमार्ग-12 पर निवाई
से रेलवे क्रोसिंग
पर ओवरब्रिज निर्माण
कराने का कोई प्रस्ताव
वर्तमान में विचाराधीन
नहीं है। यह सड़क
राष्ट्रीय राजमार्ग
प्राधिकरण द्वारा
राष्ट्रीय राजमार्ग
विकास परियोजनाओं
के तृतीय चरण में
चिह्नित की गई
है। इस निर्माण
कार्य को राष्ट्रीय
राजमार्ग प्राधिकरण
द्वारा ही किया
जाना प्रस्तावित
है।
(4) जी हां। बनास
पुलिया से मण्डावर
तक बरोनी से शिवाड़
पर पराना तक, सड़क
पर बजरी के भारी
ट्रकों का आवागमन
होने के कारण सड़क
बार-बार क्षतिग्रस्त
हो जाती है। बनास
पुलिया से मण्डावर
तक सड़क की कुल
लम्बाई 17 किलोमीटर
है। जिसका नवीनीकरण
वर्ष 2002-03 में हुआ
था। इस सड़क मार्ग
की साधारण मरम्मत
करवा दी गई है।
विधान सभा क्षेत्र
निवाई से बरोनी
से शिवाड़ सड़क
की कुल लम्बाई
16 किलोमीटर है।
इसमें से कि.मी.
0/0 से 8/0 पराना तक कुल
8 कि.मी. की पेच मरम्मत
की जा चुकी है इसका
नवीनीकरण वर्ष
2002-03 में हुआ था। किमी
8/0 से 16/0 तक कुल 8 कि.मी.
राजस्थान राज्य
कृषि विपणन बोर्ड
की सड़क है जिसकी
मरम्मत कृषि विपणन
बोर्ड द्वारा वित्तीय
संसाधनों की उपलब्धता
पर निर्भर करेगी।
बनास पुलिया से
मण्डावर तक बरोनी
से शिवाड़ तक सड़क
नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण
कार्य करवाना राज्य
सरकार के पास उपलब्ध
वित्तीय संसाधनों
पर निर्भर करेगा।
श्री हीरालाल
(निवाई): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
आपके माध्यम से
मैं निवेदन करना
चाहूंगा कि माननीय
पी डब्ल्यू डी
मिनिस्टर साहब,
अभी बरोनी से शिवाड़
तक सड़क दिखती
नहीं है और यहां
जयपुर से जो धार्मिक
आस्था के लोग
जाते हैं तो गाडि़यां
ही पास नहीं होता।
मेरा निवेदन है
सरकार से कि जल्दी
से जल्दी यह सड़क
बनवाई जाए, निर्मित
करवाई जाए।
दूसरा, बनास
पुलिया, मंडावर
तक पहले तो बनास
में बजरी थी तो
यहां से बजरी आती
थी पर आजकल मंडावर
से आगे से बजरी
आती है तो सड़क
दिखती नहीं है।
इसलिए मेरा आपसे
निवेदन है कि बनास
से मंडावर तक शीघ्र
सड़क निर्मित करवाई
जाए। साथ ही प्रधान
मंत्री सड़क योजना
के तहत मेरे विधान
सभा क्षेत्र में
झिलाई से संग्रामपुरा
वर्तमान में सड़क
का कार्य चल रहा
है लेकिन ठेकेदार
ने भी दूसरे ठेकेदार
को अपना ठेका दे
दिया। सब-ठेकेदार
बना दिया और 500 मीटर
सड़क ठेकेदार की
हठधर्मी से छोड़
दी गई है। उपाध्यक्ष
महोदय, मैं आपके
माध्यम से निवेदन
करना चाहूंगा कि
जो 500 मीटर रह गई है
प्रधान मंत्री
सड़क योजना के
तहत झिलाई से संग्रामपुरा
तक वह तुरन्त
पूर्ण करवाई जाए।
श्री राजेन्द्र
राठौड़ (सार्वजनिक
निर्माण मंत्री):
उपाध्यक्ष महोदय,
माननीय सदस्य
ने जो प्रधान मंत्री
सड़क योजना की
सड़क झिलाई से
संग्रामपुरा तक
बनाई है, आपने कहा
है कि ठेकेदार
ने सबलेट कर दिया
तो मैं आज ही एडिशनल
चीफ इंजीनियर को
जांच दे रहा हैं,
अगर सबलेटिंग पाई
गई क्योंकि सबलेटिंग
अलाऊ नहीं है, तो
उस ठेकेदार को
ब्लेक लिस्टेड
भी करूंगा। जो
500 मीटर सड़क जिसका
निर्माण बीच में
छोड़ दिया इसका
निर्माण कार्य
भी निश्चित तिथि
में पूरा हो जाए
यह सुनिश्चित करने
का काम भी पूरा
किया जाएगा। उपाध्यक्ष
महोदय, माननीय
सदस्य ने जिस
बरोनी से शिवाड़
16 किलोमीटर सड़क
का जिक्र किया
है, मैंने मेरे
मूल उत्तर में
पहले ही निवेदन
किया था कि इस सड़क
के दो हिस्से
हैं, एक हिस्सा
0 से 8 किलोमीटर है
जिसक पी डब्ल्यू
डी ने निर्माण
करवाया है, दूसरा
हिस्सा 8 किलोमीटर
से 16 किलोमीटर कृषि
उपज मण्डी द्वारा
इस सड़क का निर्माण
करवाया गया है।
उपाध्यक्ष महोदय,
यह सही है कि इस
क्षेत्र में बजरी
निकलती है, सड़क
पर आवागमन ज्यादा
रहता है। 2002-03 में
जब तत्कालीन सरकार
थी तब इस सड़क का
नवीनीकरण करवाया
गया था। पी डब्ल्यू
डी ने भी करवाया
था और कृषि विपणन
बोर्ड ने भी करवाया
था। वर्तमान में
सड़क क्षतिग्रस्त
है, निश्चित तौर
पर इसका तकमीना
बनाकर यह प्रयास
करेंगे कि इस सड़क
को ठीक किया जाए
क्योंकि आवागमन
की दृष्टि से इस
सड़क का काफी महत्व
है। उपाध्यक्ष
महोदय, मैं प्रयास
करूंगा और आपने
जिस सड़क की चर्चा
की है उसकी जांच
करवाकर उसमें समुचित
कार्यवाही की जाएगी।
श्री हीरालाल
(निवाई): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
संग्रामपुरा गांव
के सारे लोग अगर
बरसात आयेगी और
वह 500 मीटर सड़क नहीं
बनती है तो वो अलग-थलग
पड़ जाएंगे। दूसरा,
ठेकेदार की हठधर्मी
यह हो रही है कि
पूरा गांव एक तरफ
है और ठेकेदार
एक तरफ है। उपाध्यक्ष
महोदय, मैं आपके
माध्यम से मांग
करना चाहूंगा कि
500 मीटर सड़क है उसका
तुरन्त निर्माण
करवाया जाए।
श्री राजेन्द्र
राठौड़ (सार्वजनिक
निर्माण मंत्री):
उपाध्यक्ष महोदय,
मैं मेरे एडिशनल
चीफ इंजीनियर को
कहूंगा कि माननीय
सदस्य से सम्पर्क
करेंगे, इनको साथ
लेकर जाएंगे और
यह जो संग्रामपुरा
सड़क है, किस विभाग
के कारण यह सड़क
नहीं बनी उसकी
पूरी छानबीन करके
अगर सड़क स्वीकृत
है तो निश्चित
तौर पर सड़क बनाई
जाएगी और इसमें
जो कोई भी बाधा
है उसको दूर करके
सड़क निर्माण करेंगे।
श्री हीरालाल
(निवाई): धन्यवाद।
श्री रामचन्द्र
सराधना (जमवारामगढ़):
उपाध्यक्ष महोदय,
प्रश्न के चौथे
खण्ड में लिखा
है कि बरोनी से
शिवाड़ तक की लम्बाई
16 किलोमीटर है जिसमें
8 किलोमीटर पी डब्ल्यू
डी ने पूरा कर दिया
और 8 किलोमीटर कृषि
मण्डी ने छोड़
दिया। उपाध्यक्ष
महोदय, सारे राजस्थान
में एक ही व्यवस्था
को दो भागों में
बांटकर के जनता
को परेशान किया
जा रहा है। कृषि
मण्डियां जब रोड
बनाती हैं तो केवल
पी डब्ल्यू डी
का सहयोग करती
है, जनता के लिए
रोड बनाती है।
लेकिन उनका निर्माण,
उनकी रिपेयरिंग
कृषि मण्डी से
नहीं करवाकर पी
डब्ल्यू डी से
कराना चाहिए।
दूसरा मेरा
प्रश्न है कि
माननीय मंत्री
महोदय ने कहा कि
सड़क पर बजरी और
भारी ट्रकों के
आवागमन से बार-बार
टूट जाती है। यह
कितने वज़न तक
का ट्रक चलने की
क्षमता का रोड
बनाते हैं जो हर
बार टूट जाती है?
कितनी गाडि़या
आने जाने के लिए
बनाते हैं और जितनी
ज्यादा गाडि़यां
आ रही हैं तो उस
क्वालिटी का रोड
क्यों नहीं बनरा
पाते? क्या कारण
है कि वह रोड बार-बार
टूट जाता है? ज्यादा
गाडि़यां आना,
यह कोई कारण नहीं
बनता है। कितने
वज़न की गाडि़यों
के जाने जाने के
लिए राड बनाते
हैं?
श्री राजेन्द्र
राठौड़ (सार्वजनिक
निर्माण मंत्री):
उपाध्यक्ष महोदय,
9 टन भार ले जाने
के लिए अधिकृत
है। उपाध्यक्ष
महोदय, कौनसी सड़क
पर ट्रेफिक कब
बढ़ जाएगा इसका
सेंसस तो कोई हो
नहीं सकता। हालांकि
एक निश्चित अंतराल
के बाद किस-किस
सड़क पर कितना-कितना
ट्रेफिक किस रफ्तार
से बढ़ रहा है इसकी
गणना भी विभाग
करवाता है। उपाध्यक्ष
महोदय, माननीय
सदस्य ने कहा
है, इस राजस्थान
के अन्दर सड़कें
पी डब्ल्यू डी
भी बनाता है, राजस्थान
में सड़क कृषि
विपणन बोर्ड भी
बनाता है, कुछ सड़कें
माइंस की भी हैं,
कुछ सड़कें इन्दिरा
गांधी नहर परियोजना
के अन्तर्गत भी
बनी हुई है और इनका
संधारण भी अलग-अलग
हैड्स में होता
है। उपाध्यक्ष
महोदय, हमने इस
बार जो योजना बनाई
है, हमारा जो पैच
रिपेयर का कार्यक्रम
चलता है उसके साथ-साथ
कृषि उपज मण्डी
को भी हमने लिखा
है और मैं आपके
माध्यम से माननीय
सदस्यों को निवेदन
करना चाहूंगा कि
उसमें प्रयास करेंगे
कि सड़कों के संधारण
का काम और सड़कों
के रिन्यूवल का
काम दोनों विभाग
साथ-साथ करे क्योंकि
आम व्यक्ति को
यह मालूम नहीं
कि कौनसी सड़क
पी डब्ल्यू ने
बनाई है और कौनसी
सड़क कृषि विपणन
बोर्ड ने बनाई
है, उसके दिमाग
में तो एक ही बात
रहती है कि सड़क
सरकार ने बनाई
है, यह निश्चित
भी है। इसलिए दोनों
विभाग मिलकर संधारण
की अपनी रूपरेखा
और अपने कार्यक्रम
में किस तरह से
सामंजस्य करें
इसका प्रयास निश्चित
तौर पर करेंगे।
श्री रामचन्द्र
सराधना (जमवारामगढ़):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, मेरे प्रश्न
का जवाब आया है,
उपाध्यक्ष महोदय,
मेरे प्रश्न का
जवाब नहीं आया
है......
श्री उपाध्यक्ष:
प्रश्न निवाई
की सड़क से सम्बन्धित
है। माननीय सदस्य,
यह जनरल क्वेश्चन
नहीं है, निवाई
का है।
श्री रामचन्द्र
सराधना (जमवारामगढ़):
मैं इसलिए पूछ
रहा हूं कि जो मंत्री
महोदय ने उत्तर
दिया 9 टन वाला वह
सिक्स व्हील
वाली गाडि़यों
का था। आज 16 व्हील,
18 व्हील की गाडि़यां
चल रही हैं, उनमें
भी बजरी आ रही है
तो 9 टन वाला ही नहीं
रहा माननीय उपाध्यक्ष
महोदय।
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य।
श्री रामचन्द्र
सराधना (जमवारामगढ़):
यह जो रोड टूट रहा
है वह 9 टन के कारण
नहीं टू रहा, आज
तो 16 टन, 18 टन, 20 टन की
गाडि़यां चल रही
हैं, परिवहन विभाग
पास कर रहा है उनको
तो रोड उस क्वालिटी
का बनाया जाए जिसमें
18 और 20 टन की गाडि़यां
भी चले।
श्री उपाध्यक्ष:
प्रश्न से सम्बन्धित
नहीं है।
श्रीमती ममता
शर्मा (बूंदी): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
आपके माध्यम से
मंत्री महोदय से
पूछना चाहूंगी
कि कोटा से डाबी
तक नेशनल हाईवे
नम्बर 76 है....
Lpm/akt/1110/1b/2632007
और आपका
वहां फोरलेन भी
बन रहा है लेकिन
अभी जो एग्स्टिंग
रोड है उसकी हालत
अगर आप देखेंगे
तो आये दिन ऐक्सीडेंट
हो रहे हैं, उसकी मरम्मत
जब तक फोरलेन में
एक-डेढ साल लग जाएग
तब तक उसकी मरम्मत
कराने का इरादा
रखते हैं कि नहीं
रखते हैं, दूसरी
बात आप कह कहते
थे माननीय मंत्री
महोदय कि जब बूंदी
जाते हैं तो अंदर
एंटर करते ही निंद
खुल जाती है तो
वह निंद खुलनी
तो आपने बंद कर
दी शहर में लेकिन
बूंदी विधानसभा
क्षेत्र से शुरू
में ही जो निंद
खुलने लगी है उसका
क्या होगा? वह
जो रोबर्टसन के
टाइम का बाइपास
है उसकी अगर आप
हालत खुद मुलाहिजा
फरमाएं तो आप देखेंगे
कि बहुत बुरी है
तो मैं चाहती हूं
कि इन दोनों सड़कों
के बारे में आप
क्या करना चाह
रहे हैं?
श्री राजेन्द्र
राठौड़ (सार्वजनिक
निर्माण मंत्री):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, यह निंद
आना और निंद नहीं
आना, यह तो अलग-अलग
आदमी के स्वभाव
पर निर्भर है।
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, माननीय
सदस्य को मैंने
कई बार देखा है
कि जब कहीं भी क्रोस
करते हैं आप हमेशा
गाड़ी में बैठते
ही निंद में चली
जाती है और और इनको
इस बात का तो धन्यवाद
देना चाहिए कि
वो जब बूंदी में
प्रवेश करती है
उस समय पहले निंद
झटकों से खुलती
थी, अब नहीं खुलती
है। यह जो आपने
सवाल किया है यह
एन एच 76 का है माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
यह एन एच आई के पास
है और इसका संधारण
का हमें जितना
पैसा मिलता है
वह भारत सरकार
से हमें मिलता
है। हम बार-बार
लिखते रहते हैं
निश्चित तौर पर
यह चूंकि यह एन
एच आई के पास है,
इसके संधारण में
पैसा भी वो देते
हैं उन्होंने
राशि कम दी है, फिर
भी मैंने मुख्यमंत्री
जी भी एक पत्र लिखवाया
था केन्द्रीय
मंत्रालय को, मैं
खुद भी प्रयास
करूंगा और निश्चित
तौर पर कोशिश करेंगे
कि ये जो पहले बहुत
ज्यादा हालत खराब
थी पिछले दिनों
में कुछ ठीक हुई
है, इसको और ठीक
माननीय सदस्य
निश्चित तौर पर
करेंगे।
श्रीमती
ममता शर्मा (बूंदी):
आप तो उसमें पेचवर्क
करा दीजिए तब तक
वह फोरलेन तैयार
नहीं होता है बस
वही बहुत है हमारे
लिए, अगर आप यह करा
देंगे तो भी बहुत
है। वहां 20-20, 25-25 टन के
पत्थर लेकर के
गाडि़यां निकलती
हैं, इसलिए यह एक
भारी समस्या है
और आये दिन गाडि़यां
पलट जाती हैं।
श्री राजेन्द्र
राठौड़ (सार्वजनिक
निर्माण मंत्री):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, मैं स्वयं
इसके देखूंगा और
मैं एन एच आई के
अधिकारियों से
चर्चा करके इसका
पेच रिपेयर आगामी
माह से प्रारंभ
हो जाए, यह सुनिश्चित
करने का काम करूंगा।
श्री रामलाल
शर्मा (चौमूं): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
मैं आपके माध्यम
से मंत्री महोदय
से यह जानना चाहूंगा
कि आप जिस रोड से
अपने निर्वाचन
क्षेत्र में जाते
हैं, उस रोड में
जो आधा घंटा आपको ट्रेफिक
में लगता है, कब
तक आप चौंमू का
बाईपास का निर्माण
कराने का विचार
रखते हैं?
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य
कहां का है बोलने
दीजिए यह प्रश्न
कहां का है?
श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली):
फिर तो हमारा भी
जवाब दिलाओ (व्यवधान)
श्री हेमाराम
चौधरी (गुढ़ामालानी):
आगे बढ़ाओ माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
बहुत महत्वपूर्ण
सवाल लगे हुए हैं
(व्यवधान)
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
या तो निवाई तक
सीमित रखा जाए
अगर ये पूछ रहे
हैं तो हम से भी
पूछा जाए (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
अध्यक्ष महोदय,
यह डिमाण्ड नहीं
है (व्यवधान)
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, मैं जानना
चाहता हूं कि पाली
जिले के अंदर (व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य
उनका प्रश्न क्या
है पता तो लगना
चाहिए?
श्री रामलाल
शर्मा (चौमूं): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
चौंमू बाइपास का
किसानों का पूरा
मुआवजा दिया जा
चुका है जो भूमि
अवाप्त की थी
माननीय मंत्री
महोदय से मैं जानना
चाहूंगा कि चौंमू
बाईपास का कब तक
निर्माण कर देंगे?
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य
यह निवाई से संबंधित
नहीं है।
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
राजस्थान की सब
सड़कें खराब है
यू बोलो फिर तो
आप (व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
श्री रामनारायण
मीणा, आप अपने विधानसभा
क्षेत्र से संबंधित
हो तो कहिए।
डा. सुरेश
चौधरी (भादरा): मेरे
विधानसभा क्षेत्र
से संबंधित है
(व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
यह जनरल बहस नहीं
है माननीय सदस्य
मैं अलाऊ नहीं
करूंगा माननीय
सदस्य।
प्रश्न
संख्या 22
श्री रामनारायण
मीणा
(अनुपस्थित
: कृपया
आगे देखें।)
श्री हरिमोहन
शर्मा।
डा. सुरेश
चौधरी (भादरा): क्या
माननीय मंद्धी
यह बताने का कष्ट
करेंगे कि इंटर
स्टेट रोड में
भादरा-झांझल सड़क
की कब स्वीकृत
हुई, कितने पैसे
उसके स्वीकृत
हुए और वो जो आज
बंद पड़ी है उसका
करना क्या है?
स्वायत्तशासी
संस्थाओं के जन
प्रतिनिधियों
का निलम्बन एवं
बहाली
23. श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली)
क्या स्वायत्त
शासन मंत्री यह
बताने की कृपा
करेंगे-
(1) माह जनवरी,2004
से अब तक राजस्थान
में कितने महापौर,
उप महापौर, अध्यक्ष,
उपाध्यक्ष, वार्ड
पार्षद, किस किस
आधार पर निलंबित
किये गये? कितनों
को बर्खास्त किया
गया तथा वे किस
किस राजनैतिक दल
से संबंधित थे?
विवरण सदन की मेज
पर रखे।
(2) उक्त
में से कितने स्वायत्तशाषी
संस्थाओं के सदस्यों
के विरूद्ध विभिन्न प्रकरणों
में जांच विचाराधीन
है? विवरण सदन की
मेज पर रखे।
राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय (श्री
प्रताप सिंह सिंघवी):
(1) माह जनवरी,2004 से
दिनांक 23.3.07 तक राजस्थान
में जिन महापौर,
उप महापौर, अध्यक्ष,
उपाध्यक्ष, वार्ड
पार्षद को निलंबित
किया गया, का विवरण
परिशिष्ट ‘’अ’’ पर
और जिनको बर्खास्त
किया गया है का
विवरण परिशिष्ट
‘’ब’’ पर
संलग्न है। जिसमें
कार्यवाही का आधार
व उनके राजनैतिक
दल का अंकन है।
इस अवधि में कुल
85 को निलंबित और
21 को बर्खास्त
किया गया है।
(2) वर्तमान
में उक्त में
से 58 के विरूद्ध
न्यायिक जांच
विचाराधीन है,
जिसका विवरण परिशिष्ट
‘’अ’’ के
कॉलम संख्या
8 में अंकित है एवं
4 के विरूद्ध प्राप्त
अन्य शिकायतों
में विभागीय स्तर
पर जांच/परीक्षण
लंबित है, जिसका
विवरण परिशिष्ट
‘’स’’ पर
है।
श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, निलंबित
करने के बाद जांच
कितने दिनों में
कितने माह में
कन्क्लूड कर
ली जाएगी और इसके
लिए कोई कानून
में कोई प्रावधान
है या आपने कोई
ऐसे मापदण्ड निर्धारित
कर रखे हैं कि निलंबित
जांच से पूर्व
निलंबित करने के
पश्चात कितने
समय में उस जांच
का निर्णय आ जाएगा,
नम्बर-2, 2004 में आपने
44 नगरपालिका के
अध्यक्षों, उपाध्यक्षों
और पार्षदों को
मुअत्तिल कर दिया,
सस्पेंड कर दिया,
आज तक उनकी जांच
पेंडिंग है। 2005 में
8 को कर दिया और आज
तक उनकी जांच पेंडिंग
है और 2006 में 24 को कर
दिया आज तक जांच
पेंडिंग है। 2004 से
आज तक 44, 8 प्लस 24 और
2007 के अध्यक्ष इनको
आप जोड़ दे तो सस्पेंड
करने के बाद आपने
एक आदमी की भी जांच
पूरी सम्पन्न
नहीं करवाई? इसके
क्या कारण रहे?
दूसरा, आपने अपने
जवाब में आखिरी
जो यह महेश चन्द्र
यूनानी अध्यक्ष,
चित्तौड़गढ़, भाजपा,
श्रीमती गीता देवी
अध्यक्ष आबू रोड
भाजपा, श्रीमती
प्रवीण सैनी अध्यक्ष,
कामां भाजपा, इनको
ट्रेप किस तारीख
को किया गया था
और आपने इनको कब
सस्पेंड किया?
ट्रेप की तारीख
बताइए आप, इनको
किस तारीख को ट्रेप
किया गया और ट्रेप
करने के पश्चात
इनको जो रैड हैण्डेड
ट्रेप किया गया
इन लोगों को भारतीय
जनता पार्टी के
अध्यक्षों को
और इनको आपने सस्पेंड
किस तारीख को किया?
श्री संयम
लोढ़ा (सिरोही):
इसमें एक लाइन
और जोड़ दीजिए
कि सैक्रेटरी ने
सस्पेंड की फाइल
कब भेजी और आपके
ऑफिस में कितने
दिन रुकी रही? यह
और जोड़ दे आप।
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय मैं पूछना
चाहूंगा कि माननीय
मंत्री महोदय से
(व्यवधान)
श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली):
पहले मेरा जवाब
मंगवा ले, माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
मेरा पहले जवाब
मंगा ले (व्यवधान)
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
कि पाली, किशनगढ़
और सीकर नगरपालिकाओं
के अध्यक्षों
के खिलाफ जांच
चली हैं, क्या
उनको भी सस्पेंशन
करने की कार्यवाही
आपने की? उनकी जांच
कम्प्लीट हो
चुकी है, उसके बावजूद
भी स्वायत्त
शासन मंत्री की
क्या कांग्रेस
से मिलीभगत है
कि वो उनको सस्पेंड
नहीं कर रहे हैं
और उसके अलावा
मुझे यह बताइए
कि बीजेपी के कितने
चैयरमेन्स को
कांग्रेस के राज
में सस्पेंशन
किया गया?
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य,
माननीय सदस्य..
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
मंत्री महोदय कृपया
बताने का कष्ट
करें।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
17.01. (व्यवधान)
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
बिलकुल मिले हुए
हैं, उनकी जांच
कंपलीट हो गई उसके
बाद सस्पेंड नहीं
कर रहे हैं (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
यह तो बहुत बहुत
गंभीर मामला है
माननीय अध्यक्ष
महोदय (व्यवधान)
श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली):
यह गंभीर आरोप
लगाया है, बहुत
गंभीर आरोप लगाया
है (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
कि सत्तापक्ष
के सदस्य ने यह
आरोप लगाया है
कि कांग्रेस से
मिले हुए है, इससे
बड़ा भयंकर कोई
दुर्भाग्य नहीं
हो सकता कि सदन
के अंदर
रूलिंग पार्टी
का एक मेम्बर
अपनी पार्टी के
(व्यवधान)
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
बिलकुल ठीक बात
है पाली, किशनगढ़
और सीकर को क्यों
नहीं सस्पेंड
किया गया? बिलकुल
ठीक बात है (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
मंत्री के ऊपर
यह आरोप लगा रहा
है कि यह हमारी
पार्टी के खिलाफ
मिले हुआ है, मैं
समझता हूं कि या
तो मंत्री जी को
खुद को इस मामले
में कोई बात करनी
चाहिए (व्यवधान)
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
पाली, किशनगढ़
और सीकर के चैयरमेंस
को क्यों नहीं
सस्पेंड किया
गया? (व्यवधान)
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
वहीं, पाली, पाली
(व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
अध्यक्ष महोदय,
जो बात पार्टी
मीटिंग में होनी
चाहिए थी, जो बात
पार्टी के अध्यक्ष
के सामने होनी
चाहिए वह आपके
सामने हो रही है,
जो बात पार्टी
मीटिंग में पार्टी
प्रेसीडेंट के
सामने होनी चाहिए
वह यहां पर हो रही
है इससे बड़ा दुर्भाय
नहीं हो सकता माननीय
अध्यक्ष महोदय
(व्यवधान)
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): कल
आ जाइए आप मेरे
पास (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
माननीय अध्यक्ष
महोदय, रूलिंग
पार्टी का एक माननीय
सदस्य अपने मंत्री
पर यह आरोप लगाया
है कि वह भ्रष्टाचार
के मामले में प्रतिपक्ष
से मिला हुआ है।
मैं समझता हूं
कि भ्रष्टाचार
का इससे बड़ा कोई
उदाहरण (व्यवधान)
श्री मोहन
लाल गुप्ता (किशनपोल):
पाली, किशनगढ़
और सीकर में भ्रष्ट
कांग्रेस के कितने
लोगों को सस्पेंड
किया गया है? सही
किया है, पाली, किशनगढ़
और सीकर के लोगों
को बचा रहे हैं
आप (व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य,
माननीय सदस्य...
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
यह सरकार आपकी
है या हमारी है?
यदि सरकार हम चला
रहे हैं तो इसका
आप सर्टिफिकेट
दे दो आप (व्यवधान)
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
आप इसको कहा जो
आरोप लगाया है
इसकी जांच कराई
जाए? (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
यह सरकार अगर हम
चला रहे हैं तो
सर्टिफिकेट दे
दो आप, इससे बड़ी
दुर्भाग्यपूर्ण
स्थिति स्थिति
बन नहीं सकती कि
सरकार चलाने वाला
आदमी अपनी सरकार
के ऊपर यह आरोप
लगाए कि सरकार
हम चला रहे हैं
क्या? यदि आपके
मंत्री पार्टी
के साथ न्याय
नहीं कर रहे हैं
तो मैं समझता हूं
कि इससे बड़ा कोई
दुर्भाग्य हो
नहीं सकता कि कांग्रेस
से मिलकर सरकार
चल रही है।
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य,
माननीय सदस्य....
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, इसकी जांच
करवाई जाए, एक कमेटी
बनाकर के जांच
करवाई जाए (व्यवधान)
इन्होंने जो आरोप
लगाए हैं इस आरोप
की जांच करवाई
जाए (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
इसकी जांच की जाए,
एक कमेटी बनाई
जाए अध्यक्ष महोदय
एक असेम्बलि की
कमेटी बनाई जाए
अध्यक्ष महोदय
और यह जांच यकरवाई
जाए कि मंत्री
किन-किन कांग्रेसियों
से मिला हुआ है?
यह जांच करवाई
जाए (व्यवधान)
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
इसकी जांच कराई
जाए, आप यह कार्यवाही
कराइए माननीय उपाध्यक्ष
महोदय (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
हम तो आपके सदस्य
की बात बता रहे
हैं माननीय अध्यक्ष
महोदय, हम तो आपके
सदस्य की बात
बता रहे हैं (व्यवधान)
श्री सांवर
लाल (सिंचाई मंत्री):
आपके सदस्यों
को आप निलंबित
करवाना चाहते हैं
क्या?
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
जी, जी यदि वे बेईमान
है तो निलंबित
होने चाहिए, यदि
हमारी पार्टी के
भ्रष्ट है तो
निलंबित होने चाहिए,
हम कहां बचा रहे
हैं? आपके सरकार
के मंत्री कांग्रेस
के भ्रष्ट आदमियों
को बचा रहे हैं।
आप मानो इस बात
को (व्यवधान)
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): कोई नहीं
बच सकता, कार्यवाही
हो जाएगी उसके
खिलाफ (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
आपके सदस्य कह
रहे हैं कि आपके
मंत्री कांग्रेस
के भ्रष्ट आदमियों
को बचा रहे हैं,
इससे बड़ा सर्टिफिकेट
क्या चाहिए?
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य
सुने पहले आप।
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, इसकी जांच
करवाई जाए, कोई
कमेटी बनाई जाए
और इस आरोप की जांच
करवाई जाए (व्यवधान)
और भ्रष्टाचार
का आरोप लगा रहे
है इसकी जांच होनी
चाहिए यह क्या
बात हुई?
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य
जवाब नहीं सुनना
चाहते आप? (व्यवधान)
श्री सी.
डी. देवल (रायपुर): एक माननीय
सदस्य ने एक मंत्री
के ऊपर खुला आरोप
लगा रहे है (व्यवधान)
Bhs/akt/26.3.07/11.20/1c
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य।
श्री
सी. डी. देवल (रायपुर):
किशनपोल से आने
वाले माननीय सदस्य
बार-बार ...(व्यवधान)...
श्री
उपाध्यक्ष: प्रश्न
का जवाब आने दीजिये
माननीय सदस्य।
श्री
सी. डी. देवल (रायपुर):
उपाध्यक्ष महोदय, इसका कोई फैसला
आप पहले करो।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, मंत्री
जी जवाब दे रहे
हैं आप जवाब सुनिये।
श्री
सी. डी. देवल (रायपुर):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, उनको
पूछ रहे हैं इन्होंने
जो आरोप लगाये
उन आरोपों की जांच
की जाए।
श्री
सांवर लाल (सिंचाई
मंत्री): उपाध्यक्ष
महोदय, मंत्री
जी जवाब दे रहे
हैं, सुनना ही नहीं
चाहता कोई सदस्य।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य।
श्री
कालीचरण सर्राफ (जौहरी बाजार):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, ...(व्यवधान)...
जितनी नगरपालिकाओं,
नगरपरिषदों के
चेयरमेनों को निलंबित
किया गया वो राजनीतिक
आधार पर किया गया
और कांग्रेस की
सरकार ने केवल
भारतीय जनता पार्टी
के चेयरमेंस को
उस समय निलंबित
किया ...(व्यवधान)...
श्री
रामप्रताप कासनिया
(पीलीबंगा): उपाध्यक्ष
महोदय, मेरा
आपके माध्यम से
पूरे सदन से निवेदन
है ...(व्यवधान)...
श्री
कालीचरण सर्राफ (जौहरी बाजार):
कांग्रेस के शासन
में जितने भी चेयरमेंस
को निलंबित किया
गया, जितने भी पार्षदों
को निलंबित किया
गया वो केवल भारतीय
जनता पार्टी के
पार्षदों और चेयरमेंस
को निलंबित किया
गया।
श्री
टीकमचंद कांत
(सिवाना): रायपुर
से आने वाले माननीय
सदस्य, ये तो मिलीभगत
...(व्यवधान)... की
बात अंदर की बात
आप कैसे कह रहे
हो?
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य।
श्री
टीकमचंद कांत
(सिवाना): ये तो अंदर
की बात की कोई बात
है अन्दर की बात
को आप उजाले में
ला रे हो ...(व्यवधान)...
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, जवाब देने
दीजिये।
श्री
रामप्रताप कासनिया
(पीलीबंगा): उपाध्यक्ष
महोदय, मैं
बहुत पते की बात
कह रहा हूं उपाध्यक्ष
महोदय, पूरे
सदन से आपके माध्यम
से मेरा निवेदन
है कि माननीय उपाध्यक्ष
जी के स्वभाव
का मिसयूज न करें
कम से कम आज पूरे दिन
हाउस बड़ी शांति
से चलना चाहिए।
यह मेरा निवेदन
है।
डॉ. सी.पी.
जोशी (नाथद्वारा):
आप ध्यान रख लें
बाकी सब ठीक हो
जाएगा।
श्री
उपाध्यक्ष: आप
बैठिये अपना स्थान
ग्रहण कीजिये।
। आप अपना कोई प्रश्न
हो तब पूछिये बीच
में जरूरत नहीं
है।
श्री
संयम लोढ़ा (सिरोही):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, आपको किसने
कहा?
श्री
संयम लोढ़ा (सिरोही):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, आप बाद
में पूछना।
श्री
संयम लोढ़ा (सिरोही):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, आपका अंकित
नहीं होगा। आप
बिना परमीशन के
बोल रहे हैं माननीय
सदस्य। अंकित
नहीं हो।
श्री
संयम लोढ़ा (सिरोही):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, आप प्रश्न
बाद में पूछना।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय, एक तो यह कहना
बिलकुल गलत है
कि ..।
श्री
कालीचरण सर्राफ (जौहरी बाजार):
000
डॉ. सी.पी.
जोशी (नाथद्वारा):
000
श्री मोहनलाल गुप्ता (किशनपोल): 000
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
श्री मोहनलाल गुप्ता (किशनपोल): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य।
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य, आप बीच में नहीं। माननीय सदस्य। अंकित नहीं होगा।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री राजेन्द्र राठौड़ (सार्वजनिक निर्माण मंत्री): 000
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं माननीय उपाध्यक्ष महोदय।
श्री उपाध्यक्ष: बिना परमिशन के अंकित नहीं होगा।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री उपाध्यक्ष: आप सुनिये पहले।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): माननीय उपाध्यक्ष महोदय, 1.3.07 को ...।
श्री उपाध्यक्ष: आप जवाब ही नहीं सुनना चाहते । जवाब ही नहीं सुनना चाहते।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): माननीय उपाध्यक्ष महोदय, वैसे तो नियमों में साफ प्रावधान है कि जांच का कोई समय निश्चित नहीं है फिर भी हमने इनको तत्परता से तीनों हालांकि भारतीय जनता पार्टी के थे फिर भी तीनों दोषी पाये गये थे इनको 1.3.07 को निलंबित कर दिया गया। इन पर आरोप था ।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री हरिमोहन शर्मा (हिण्डौली): ...(व्यवधान)... ट्रेप की डेट बताओ आप ...(व्यवधान)...
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य, आपका भाषण अंकित ...। माननीय सदस्य।
डा. सुरेश चौधरी (भादरा): 000
श्री हरिमोहन शर्मा (हिण्डौली): आप ट्रेप की तारीख बताओ। भारतीय जनता पार्टी के पाँच लोगों को आपने सस्पेंड किया वो ट्रेप के कारण किया ...(व्यवधान)... पांचों का ।
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य।
श्री हरिमोहन शर्मा (हिण्डौली): इनका ट्रेप किस तारीख को हुआ? यह बतायें आप। ...(व्यवधान)...
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): 8.1.07 को एसीडी ने ट्रेप किया गया था। उस मामले में जब हमको शिकायत प्राप्त हुई, विभाग को शिकायत प्राप्त हुई 13.1.07 को उसके बाद इसकी जाचं चलती रही । जब मेरे पास प्रकरण आया तो मैंने तुरंत इनको 1.3.07 को तीनों अध्यक्षों को हालांकि वो भारतीय जनता पार्टी से संबंधित थे, मैंने तीनों को निलंबित कर दिया।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य, आप फिर बोल रहे हैं? आप सप्लीमेंट्री पूछना चाहें तो ...(व्यवधान)... माननीय सदस्य, बीच में नहीं। ...(व्यवधान)... अंकित नहीं हो रहा है भाषण आपका। आपका भाषण अंकित नहीं होगा। माननीय सदस्य, आप सप्लीमेंट्री के जरिये पूछें स्पेसिफिक क्वेश्चन कोई पूछना हो तो यह जनरल बहस थोड़े हो रही है।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री उपाध्यक्ष: आप नियमों को जानते हुए भी नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। ...(व्यवधान)... श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री उपाध्यक्ष: आपको सप्लीमेंट्री पूछने का मौका दिया जाएगा माननीय सदस्य। भाषण नहीं चलेगा। अंकित नहीं होगा। ...(व्यवधान)... माननीय सदस्य, आप जवाब सुनिये शांतिपूर्वक। माननीय सदस्य, आसन की अनुमति के बिना अंकित नहीं होगा।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): विभाग को श्रीमती गीता देवी की शिकायत प्राप्त हुई है 17.1.07 को उसके बाद में हमने त्वरित गति से जांच करवा कर कार्यवाही की है चूंकि अभी तक जांच पेंडिंग है फिर भी हमने चूंकि ये इस तरह का भ्रष्टाचार का आरोप था इसलिए हमने निलंबित करते हुए इनकी उच्चाधिकारियों के सम्मुख जांच कराने के लिए दी है।
श्री हरिमोहन शर्मा (हिण्डौली): रेड हेण्डेड पकड़े जाने के बाद जांच विचाराधीन है अभी ।
श्री सी. डी. देवल (रायपुर): 000
श्री हरिमोहन शर्मा (हिण्डौली): आपके ही गवर्नमेंट के ऑफिसर्स ने उनको ट्रेप किया और उसकी जांच बाकी है।
श्री संयम लोढ़ा (सिरोही): 000
श्री सी. डी. देवल (रायपुर): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य, आप बैठिये पहले।
श्री हेमाराम चौधरी (गुढ़ामालानी): 000
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): जांच में दोषी पाये गये। एसीडी ने ट्रेप किया। हमने सस्पेंड किया उनको।
श्री हेमाराम चौधरी (गुढ़ामालानी): 000
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): ...(व्यवधान)... जाचं हो रही है ...(व्यवधान)...
श्री हेमाराम चौधरी (गुढ़ामालानी): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य बीच में नहीं ।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): माननीय उपाध्यक्ष महोदय, एसीडी जांच कर रही थी।
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य, प्रश्न पूछने वाले प्रश्न पूछ रहे हैं और वे जवाब दे रहे हैं आप बीच में नहीं। आप बीच में टोका-टाकी नहीं।
श्री हरिमोहन शर्मा (हिण्डौली): कुछ नहीं प्रश्न लगने के बाद ...(व्यवधान)... प्रश्न लगने के बाद किया है यह।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): 1.3.07 को कोई प्रश्न नहीं था आपका। 1.3.07 को मैंने सस्पेंड किया है। उस टाइम पर विधान सभा में कोई प्रश्न नहीं था।
श्री उपाध्यक्ष: आपको मौका दिया जाएगा।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): माननीय उपाध्यक्ष महोदय, जिस प्रकार से आपने पूछा निलंबन के कारण का विवरण । मैं आपको बताना चाहता हूं कि कुल 85 आदमियों को हमने निलंबित किया है उसमें पद के दुरुपयोग के लिए 60 को और 2 से अधिक संतान के 16 को, एसीडी के ट्रेप के लिए 9 को इस प्रकार कुल 85 सदस्यों को निलंबित किया है। इस प्रकार से माननीय उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपको निवेदन करना चाहूंगा कि माननीय सदस्य ने जिस प्रकार से पूछा हमने हमारी सरकार में अब तक कुल 85 सदस्यों में से 11 भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को निलंबित किया है जबकि कांग्रेस के राज में 87 में से मात्र 2 बीजेपी के सदस्य निलंबित किये थे। कांग्रेस के, सॉरी। सब्जैक्ट टू करेक्शन। ...(व्यवधान)...
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
डा. ओ. पी. महेन्द्रा (सरकारी उप मुख्य सचेतक): 000
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): किसने गुनाह को बचाया?
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
डा. ओ. पी. महेन्द्रा (सरकारी उप मुख्य सचेतक): 000
श्री उपाध्यक्ष: माननीय सदस्य।
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): बचाने की अगर नौबत आती तो 13 भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को ...(व्यवधान)... मैं सस्पेंड नहीं करता।
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): आपके टाइम पर आपने 87 लोगों को सस्पेंड किया था जिनमें 85 कांग्रेस के थे।
डॉ. सी.पी. जोशी (नाथद्वारा): 000
श्री सांवर लाल (सिंचाई मंत्री): 000
कैलाश/ 26.3.07
11.30 (1) 1d
डा.सी.पी.जोशी(नाथद्वारा):
000
श्री
कालीचरण सर्राफ (जौहरी बाजार):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, नाथद्वारा
से आने वाले माननीय
सदस्य ।
श्री
नरपत सिंह राजवी
(उद्योग मंत्री):
उपाध्यक्ष महोदय, मैं एक चीज
क्लियर करना चाहता
हूं यह जो आप फरमा
रहे हैं तीनों
ट्रेप के, .... (व्यवधान)
एक ट्रेप का केस
है ।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): 2 ट्रेप
के केस हैं और एक
इल्लिगलिटी का
है ।
श्री
नरपत सिंह राजवी
(उद्योग मंत्री):
चित्तोडगढ से
संबंधित जो आ बता
रहे हो वह 97 का है
उसके बाद पाँच
साल तक आप लेकर
बैठे रहे ।
मोहम्मद
माहिर आजाद (नगर):
000
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): 85 में
से 5 जो भारतीय जनता
पार्टी के सस्पेंड
हुए एसीडी वाले
किये और 80 हैं वह
कांग्रेस वाले
हैं सन 2004 के आज तक
उन पर पद के दुरुपयोग
का आरोप है । एक
मेम्बर के अलावा
और पेंडिंग जांच
2004 से आज तक है यह
तो आपके लिये शर्म
की बात नहीं है
ना । आपने सस्पेंड
कर दिया, जांच नहीं
करवाई और जांच
नहीं करवाने के
बाद आज उन 85 में से
80 कांग्रेस के आदमी
हैं और जिन 21 को इन्होंने
स्थाई रूप से
अयोग्य घोषित
किया है वह 21 के 21
कांग्रेस के हैं
एक भी भारतीय जनता
पार्टी का नहीं
है । भ्रष्टाचार
करने वालों को
तो आप अलग बचा रहे
हो ।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): (व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, नगर पालिका
का एक भी सदस्य
ऐसा नहीं है जिसको
हमने नोटिस नहीं
दिया हो । पहले
नोटिस देने के
बाद ही निलंबन
की कार्यवाही की
है ।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य आपने अपना
सप्लीमेंट्री
पूछ लिया (व्यवधान)
उनका जवाब आने
दीजिए ।
श्री
सी. डी. देवल (रायपुर):
000
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): वह
80 जिनके खिलाफ जांच
पेंडिंग है वह
उसमें दोषी ही
नहीं है इसलिए
यह उस जांच को टाल
रहे हैं । जानबूझ
कर जांच नहीं करवाना
चाहते । आज तीन
साल हो गये उपाध्यक्ष
महोदय, आपको
निर्देश देना चाहिये
सन 2004 की जांच आज तक
चल रही है 44 आदमियों
की । सन 2005 के 8 आदमियों
की चल रही है, सन
2006 की 24 आदमियों की
चल रही है सरकार
को कोई शर्म की
बात ही नहीं है
और दूसरे मंत्री
खडे हो जाते हैं
आपने ऐसा किया
और उन्होंने ऐसा
किया । आप साफ कहो
कि हम भी उसी लाइन
पर चलेंगे हमने
जो कर दिया वह कर
दिया । यह कहो ना,
यह कहने में आपको
क्या झेंप आ रही
है ।
श्री
नरपत सिंह राजवी
(उद्योग मंत्री):
आप थोडा शांति
से सुन लें कि जितने
भी निलंबन है यूडीएच
और पंचायती राज
में दोनों में
एसीबी के कारण
होते हैं, आप भी
अच्छी तरह जानते
हैं हम भी जानते
हैं लेकिन एसीबी
में ट्रेप का और
एसीबी में चार्ज
फ्रेम होने का
यह दोनों अलग अलग
चीजें हैं ।
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): एसीडी
में जांच फ्रेम
होने का नहीं है,
आईपीसी के कैसेज
में जांच फ्रेम
होने का है । एसीडी
में तो आपको खुद
को ही शर्म आ जानी
चाहिये कि हमारे
पार्टी के सारे
अध्यक्ष एसीडी
के द्वारा पकडे
जा रहे हैं उसमें
तो जांच का सवाल
ही नहीं है । अख़बार
में पढते ही सुओमोटो
राज्य सरकार को
कदम उठाकर सस्पेंड
करना चाहिये और
आप जांच कराने
की बात कर रहे हो
और फिर बहादुरी
से कह रहे हो हमारे
तो एसीडी में पकडे
गये तो भी जांच
करवायेंगे ।
श्री
नरपत सिंह राजवी
(उद्योग मंत्री):
एसीडी डिपार्टमेंट
जांच नहीं करता...
(व्यवधान)
श्री
टीकम चन्द कान्त
(सिवाना): 000
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): नहीं
है (व्यवधान) पद
का दुरूपयोग भी
किया है। (व्यवधान)
श्री
टीकम चन्द कान्त
(सिवाना): 000
श्री
मोहन लाल गुप्ता
(किशनपोल): 000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, माननीय
सदस्य आप जवाब
सुनिए ।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): ... (व्यवधान)
प्रकरणों की स्थिति
इस प्रकार है कांग्रेस
7... (व्यवधान) न्यायिक
जांच पूर्ण एवं
अयोग्य घोषित
कांग्रेस 7 । जांच
के बाद बहाल कांग्रेस
एक ।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य आप स्थान
ग्रहण कीजिए ।
बैठ जाइए ।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): उपाध्यक्ष
महोदय, अगर
हमारी नीयत राजनीतिक
होती...
श्री
संयम लोढ़ा (सिरोही):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य टोका टाकी
नहीं । आप जवाब
सुनना नहीं चाहते
।जवाब देने दीजिए
।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय):हमारी
नीयत राजनीतिक
द्वेषता के कारण
किसी को निलंबित
करने की होती या
उसके खिलाफ कार्यवाही
करने की होती तो
जिन कांग्रेस के
माननीय पार्षद
को हमने बहाल किया
है, बहाल नहीं करते
। हमने जांच कर
के कांग्रेस के
सदस्य को बहाल
किया है । हमारा
इस प्रकार का कोई
मकसद नहीं है कि
नगर पालिका में...
(व्यवधान) अच्छा
काम हो, अच्छे
तरीके से हो । (व्यवधान)
श्री
मोहन लाल गुप्ता
(किशनपोल): 000
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): जहां
तक किशनपोल से
आने वाले माननीय
सदस्य ने पाली
किशनगगढ, सीकर
की बात कही उपाध्यक्ष
महोदय, इन प्रकरणों
को मैं दिखवा लूंगा
और जो भी आवश्यक
कार्यवाही होगी
करने का प्रयास
करूंगा ।
श्री
सी. डी. देवल (रायपुर):
000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, माननीय
सदस्य ।
डा.बुलाकीदास
कल्ला(बीकानेर):
उपाध्यक्ष महोदय, 85 माननीय पार्षद,
अध्यक्ष और उपाध्यक्षों
को निलंबित किया
गया है उसमें से
72 कांग्रेस के हैं
8 भाजपा के हैं और
5 निर्दलीय हैं
। तमाम अध्यक्षों,
पार्षदों जो कांग्रेस
के थे राजनीतिक
आधार पर माननीय
मंत्री जी ने दुर्भावना
से उनको निलंबित
किया है । मैं जानना
चाहता हूं कि आप
बताइए कि किन लोगों
को राजनीतिक दुर्भावना
से निलंबित किया
और मैं यह भी जानना
चाहता हूं कि न्यायालय
ने कितनों में
स्थगन आदेश दिया
।
श्री
शंकर सिंह राजपुरोहित
(आहोर): 000
डा.बुलाकीदास
कल्ला(बीकानेर):
न्यायालय ने आपके
द्वारा राजनीतिक
दुर्भावना से जिन
लोगों को हटाया
गया उनमें न्यायालय
ने कितनों में
स्थगन आदेश दिया
।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य , माननीय
सदस्य ।
डा.बुलाकीदास
कल्ला(बीकानेर):
यह भी बताये कि
हमारे जो सदस्य
थे उनको केवल राजनीतिक
दुर्भावना से आपने
निलंबित किया और
उसमें कितने लोगों
को न्यायालय ने
स्थगन आदेश दिया
।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य जवाब आने
दीजिए । माननीय
सदस्य ।
श्री
कालीचरण सर्राफ (जौहरी बाजार):
000
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): उपाध्यक्ष
महोदय, जिन
जिन कारणों से
माननीय सदस्य
निलंबित हुए उनका
मैं एक एक का कारण
बता सकता हूं ।
जिस प्रकार से
जिन्होंने जो
गडबडी की है इनमें
श्रीमती अन्नी
देवी उदय, अध्यक्ष,
पुष्कर कांग्रेस,
कियोस्क आबंटन
में हेराफेरी ।
श्रीमती राजकुमारी,
अध्यक्ष, सरवाड,
कांग्रेस वित्तीय
अनियमितताएं ।
श्रीमती सीतादेवी,
सदस्य, अजमेर,
भाजपा, एसीबी द्वारा
ट्रेप । श्री नाथूलाल
अग्रवाल, सदस्य,
छबडा कांग्रेस,
एसीबी द्वारा ट्रेप
।
डा.बुलाकीदास
कल्ला(बीकानेर):
आपने राजनीतिक
दुर्भावना से किया
है । कांग्रेस
के तमाम लोगों
को (व्यवधान) पूरा
सदन इस बात को जानता
है (व्यवधान) कांग्रेस
के लोगों में सुमित्रा
कांवटिया जो नीमकाथाना
की महिला अध्यक्ष
थी कभी गाडी नहीं
चढी । उसको कहा
कि गाडी का दुरुपयोग
किया । उसने कभी
गाडी को नहीं देखा
ही नहीं उसको गाडी
के दुरुपयोग के
ऊपर हटा दिया ।
श्री
राजेन्द्र राठौड़
(सार्वजनिक निर्माण
मंत्री): उपाध्यक्ष
महोदय, माननीय
सदस्य ने जो सवाल
किया है उसका एक
एक का जवाब दे रहे
हैं । आप सुनना
ही नहीं चाहते
हैं । (व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, एक एक का जवाब
देने को तैयार
हैं ।
श्री
हेमाराम चौधरी(गुढामालानी):
000
डा.बुलाकीदास
कल्ला(बीकानेर):
सुमित्रा कांवटिया
जो कांग्रेस की
चुनी हुई अध्यक्ष
थी कभी गाडी नहीं
चढी उसको कहा गाडी
का दुरुपयोग किया,
एक बार भी गाडी
में नहीं बैठी
उसको कोर्ट ने
स्थगन आदेश देकर
... (व्यवधान)
श्री
सांवर लाल (सिंचाई
मंत्री): यह सब चुने
हुए हैं जिनके
बारे में जानकारी
दे रहे हैं आपकी
सीकर की ही नहीं
चुनी हुई । यह सारे
के सारे मेम्बर
इलेक्टेड हैं
।
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): आपका
थोडे ही है मामला,
आपका मामला नहीं
है।
डा.बुलाकीदास
कल्ला(बीकानेर):
... (व्यवधान) आपने
कांग्रेस के लोगों
को राजनीतिक दुर्भावना
के आधार पर हटाया
और आपके आदेशों
की धज्जियां उडाकर
आपके आदेशों को
स्थगित करते हुए
उनको बहाल किया
।
श्री
सांवर लाल (सिंचाई
मंत्री): यह धज्जियां
आपने उडाई आपका
रिकार्ड बताया
था अभी मंत्री
जी ने, एक एक कारण
बताया था । सुनने
की क्षमता रखो
।
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): जिन
21 लोगों को स्थाई
रूप से अयोग्य
घोषित किया वह
21 के 21 कांग्रेस के
लोग हैं ।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): उपाध्यक्ष
महोदय, जिन
माननीय सदस्यों
को निलंबित किया
है उनका मेरे पास
एक एक का रिकार्ड
है । मैं एक एक का
बताने को तैयार
हूं ।
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): आप
तो यह बता दों नियमित
विधि अनुसार मीटिंग
राजस्थान के किन
किन अध्यक्षों
ने नहीं बुलाई,
उनकी सूची पेश
करो आप । एक कांग्रेस
का था उसको तो आपने
इस आधार पर किया
कि मीटिंग ठीक
समय पर नहीं बुलाई
। जितनी नगर पालिकाएं
हैं उनमें से अधिकांश
में जैसा आप क्लेम
करते हो भारतीय
जनता पार्टी के
अध्यक्ष हैं एक
भी बोर्ड की मीटिंग
अगर टाइम पर हुई
हैं तो मैं आपको
चैलेंज देता हूं
। एक भी बोर्ड की
मीटिंग नहीं हुई
उनके खिलाफ आपको
क्या सांप सूंघ
गया क्या । जिन्होंने
मीटिंग नहीं बुलाई
क्या सरकार को
सांप सूंघ गया।
आपके आदमी तो मीटिंग
नहीं बुलाये तो
वह ठीक औरे दूसरा
एक भी नहीं बुलाये,
एक महीने लेट हो
जाये तो वह सस्पेंड
। कोई खरीदा है
क्या । (व्यवधान)
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): उपाध्यक्ष
महोदय, मैंने
ऐसा कोई नियम विरुद्ध
काम नहीं किया
है .. (व्यवधान) लगातार
तीन मीटिंगों में
गैर हाजिर रहता
है उसको निलंबित
किये जाने का प्रावधान
है । मैंने जो भी
किया है वह नियम
सम्मत किया है,
कानून सम्मत किया
है ।
श्री
हरिमोहन शर्मा
(हिण्डौली): आपकी
बूंदी की नगर पालिका
के अध्यक्ष का
चीर हरण भारतीय
जनता पार्टी का
वार्ड पार्षद कर
ले उसके खिलाफ
कोई कार्यवाही
नहीं , वह तो एग्जेम्ट
है । भारतीय जनता
पार्टी के वार्ड
पार्षद ने भारतीय
जनता पार्टी की
बूंदी की नगर पालिका
के अध्यक्ष की
सरेआम साडी खींच
ली, मुकदमा दर्ज
हो गया वहां तो
आपको नहीं दिखता
। (व्यवधान)
श्री
सांगसिंह भाटी
(जैसलमेर): 000
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
सदस्य, माननीय
सदस्य ।
डा. दिगम्बर
सिंह (चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य
मंत्री): उपाध्यक्ष
महोदय, आप अगला
सवाल पुकरो ।
श्री
उपाध्यक्ष: मोहम्मद
माहिर आजाद ।
मोहम्मद
माहिर आजाद (नगर):
उधर देखों ना ।
श्री
उपाध्यक्ष: आप
स्थान ग्रहण कीजिए
। माननीय मंत्री
महोदय आप स्थान ग्रहण
कीजिए मैंने दूसरा
प्रश्न पुकार
लिया ।
श्री
संयम लोढ़ा (सिरोही):
मंत्री जी आप भ्रष्टाचार
को खुला संरक्षण
प्रदान कर रहे
हो । 11 जनवरी को भ्रष्टाचार
ब्यूरो के पुलिस
महा निदेशक ने
चिट्ठी भेज दी
कि हमने ट्रेप
कर लिया, सस्पेंड
कर दो । जनवरी में
आपने कुछ नहीं
किया, फरवरी में
आपने कुछ नहीं
किया और जब हमने
असेम्बली क्वेश्चन
का नोटिस भेजा
तब आपको विवश होकर
मार्च में कार्यवाही
करनी पडी। दो दो
महीने तक आप बीजेपी
के जो ट्रेप चेयरमैन
हैं उनको लेकर
आप बैठे रहे और
वहां चर्चा चल
रही है कि हमने
महीने के पैसे
बाँध दिये ।
श्री
उपाध्यक्ष: माननीय
जोशी जी स्थान
ग्रहण कीजिए, जवाब
दे रहे हैं ।
श्री
प्रताप सिंह सिंघवी
(राज्य मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): उपाध्यक्ष
महोदय, जहां
तक इन तीनों मामलों
का सवाल है चित्तौड़गढ़,
कामां और आबूरोड,
आबू रोड में तो
चेयरमैन 6 हजार
रुपये की रिश्वत
लेते पकड़ी गई
उसके खिलाफ हमने
कार्यवाही कर दी
और सस्पेंड कर
दिया ।
ans/akt 11:40 1e
26.03.2007
श्री संयम
लोढ़ा (सिरोही):
आप तो यह बता दीजिए
कि आपके सेक्रेटरी
ने आपको पत्रावली
कितनी तारीख को
भेजी थी ? ( व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य।
श्री संयम
लोढ़ा (सिरोही):
बाद में आर्डर
किस तारीख को निकाला
(व्यवधान) यह बता
दीजिए ताकि आपका
यह मालूम पड़ जाए
कि आपके दफ्तर
से क्या हो रहा
है।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): मेरे
पास यह जांच आई
17.1.2007 को..(व्यवधान)
श्री संयम
लोढ़ा (सिरोही):
फिर डेढ़ महीने
लेकर क्यों बैठे
रहे।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): आखिरी
सूचना पर..(व्यवधान)
श्री संयम
लोढ़ा (सिरोही):
डेढ़ महीने लेकर
क्यों बैठे रहे
आप ? (व्यवधान)
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): 17.1 2003को(व्यवधान)
जांच हुई...
श्री टीकम
चन्द कान्त
(सिवाना): ऐसे निलंबन
तो (व्यवधान) पाँच-पाँच
साल निकल गए, यह
महीने- डेढ़ महीने
की क्या बात कर
रहे हो पाँच पाँच
साल भी निकल गए
और उसके बाद जांच
भी चल रही है।(व्यवधान)
श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली):
2004 की जांच आज तक चल
रही है।
श्री रामप्रताप
कासनिया (पीलीबंगा):
उपाध्यक्ष महोदय,
यह गांम
पंचायत का दफ्तर
नहीं है, राजस्थान
सरकार का दफ्तर
है स्वायत्त
शासन विभाग का,
तो इतना समय तो
लगता स्वाभाविक
है।
श्री हरिमोहन
शर्मा (हिण्डौली):
2004 की जांच अभी तक
नहीं (व्यवधान)
2004 की जांच अभी तक
नहीं...
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य।
(व्यवधान)
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): किसी
का भी निलंबन, किसी की भी शिकायत
प्राप्त करो तो
उसके पहले जांच
कराई जाती है, माननीय
उपाध्यक्ष महोदय,
17.1.2007 को इस प्रकार
की शिकायत हमारे
विभाग को प्राप्त
हुई और हमने 1.3.2007 को
उसको निलंबित कर
दिया, बीच में जो
भी कुछ (व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
इतना डिटेल में
बताने की आवश्यकता
नहीं है। मैंने
दूसरा प्रश्न
कॉल कर लिया है।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): बीच
में जो कुछ भी प्रशासनिक
कार्यवाही होती
है(व्यवधान)उसमें
जरूर समय लगा है।
मेरे पास जिस प्रकार
से पत्रावली आई..
श्री उपाध्यक्ष:
मोहम्मद माहिर
आजाद।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): मैंने
एक मिनट का भी समय
नहीं लगाया। जो
भी इस प्रकार का
मामला था, मैंने
तुरंत सस्पैण्ड
किया है। (व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
पूरा जवाब आने
दे (व्यवधान) उपाध्यक्ष
महोदय, 74 अमेंडमेंट
के बाद क्या राजस्थान
सरकार, क्योंकि
इतने आदमी आपने
सस्पैण्ड किये,
पार्टी लाइन पर
नहीं है, क्या
राजस्थान सरकार
इस विधान सभा को
यह आश्वस्त करने
की स्थिति में
है कि आप
जब सस्पैण्ड
करें उसके
कितने समय में
उसके खिलाफ कार्यवाही
सम्पन्न हो जाएगी।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): इस
प्रकार का नियमों
में प्रावधान नहीं
है, समय सीमा नहीं
दी..(व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
नहीं मालूम है,
74 अमेंडमेंट के
बाद क्या राजस्थान
सरकार नियमों में
परिवर्तन करके
यह राजनीतिक भेदभाव
खतम करने का मानस
रखती है या नहीं
रखती, इसका जवाब
दीजिए।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): नियमों
में, जो, एक तो उसमें
प्रावधान नहीं
है, उसमें कितनी
समय सीमा...(व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
नियम यह है कि कांग्रेस
जो करेगी वो ही
बीजेपी करेगी,
यही नियम है क्या
? जो कांग्रेस करेगी
वह बीजेपी कर रही
है, यह कोई नियम
है ?(व्यवधान) उपाध्यक्ष
महोदय, 74 अमेंडमेंट
के बाद इस सरकार
की मनमर्जी पर
चुने हुए प्रतिनिधि
को सस्पैण्ड
नहीं किया जा सकता
इसलिए हमारी पार्टी
मांग करती है कि
राजस्थान सरकार
इसमें अमेंडमेंट
लाए। सस्पैण्ड
करने का अधिकार
है तो कम से कम आको
उसको डिस्पोज
करने का भी अधिकार
होना चाहिये।।
2004 से लगाकर आज दिन
तक कांग्रेस के सस्पैण्ड
किये हुए आदमियों
के खिलाफ कार्यवाही
सम्पन्न नहीं
करे यह लोकतंत्र
में आपको अधिकार
नहीं है। आपको
खड़े होकर कहना
पड़ेगा हम इसे(व्यवधान)
सम्पन्न करेंगे।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): सी
पी साहब आपके राज
में जब हम (व्यवधान)
मैम्बर को सस्पैण्ड
किया जब आप नहीं..(व्यवधान)
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा): मेरे राज
में मैं आरती नहीं
उतार रहा था मुख्यमंत्री
की। (व्यवधान)
मेरे राज में मुख्यमंत्री
की आरती नहीं उतार
रहा था। मेरा राज
और आपका राज क्या
होता है, राज तो
आपका और हमारा
सबका चलेगा(व्यवधान)
74 अमेडमेंट के बाद
सरकार को आगे आकर
यह कहना पड़ेगा
कि 74 अमेंडमेंट
के बाद चुने हुए
प्रतिनिधि किसी
भी पार्टी के हो
उनका सम्मान हो।
सस्पैण्ड का
अधिकार यदि सरकार
के पास हो(व्यवधान)
लेकिन टाइम पीरियड
का डिस्पोजल कीजिए,
यह बात क्यों
नहीं कहते आप, इसमें
क्या तकलीफ है
आपको। कांग्रेस
ने नहीं किया, फलां
नहीं किया, यह उदाहरण है
कोई आपका ? (व्यवधान)
आप कांग्रेस का
यह कहकर अपने भ्रष्टाचार
को नहीं छिपा सकते।
(व्यवधान) कांग्रेस का यह कहकर
माननीय मंत्री
जी आप अपने भ्रष्टाचार
को नहीं छुपा सकते।
2004 से लगाकर आज दिन
तक जो सस्पैण्ड
सरपंच है, चेयर
पर्सन है यदि उनको
आप रीइंस्टेट
करने का काम नहीं
करते तो लोकतंत्र
का इससे बड़ा मजाक
नहीं हो सकता इससे
अच्छा होगा कि
बंदर करो इस लोकतंत्र
को। (व्यवधान)
श्री राजेन्द्र
राठौड़ (सार्वजनिक
निर्माण मंत्री):
राजस्थान नगरपालिका
अधिनियम..(व्यवधान)
श्री रामनारायण
चौधरी (नेता, प्रतिपक्ष):
माननीय उपाध्यक्ष
महोदय, सरकार के जवाब से
कहीं संतोष करने
की कोई वजह नहीं
है। 85 जन प्रतिनिधियों
को आपने सस्पैण्ड
किया..(व्यवधान)
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): उसमें
बीजेपी और निर्दलीय
भी शामिल है । (व्यवधान)
श्री उपाध्यक्ष:
माननीय सदस्य।
श्री रामनारायण
चौधरी (नेता, प्रतिपक्ष):
80 में से 72 कांग्रेस
के है, 8 आपके बीजेपी
के हे जिसमें तीन
को अपने आप सस्पैण्ड
किया जब विधान
सभा का आपको नोटिस
मिल गया। जिस तरीके
से राजस्थान सरकार,
उपाध्यक्ष महोदय,
यह मंत्री महोदय
खुद इनके, रंजिश
से और बेरहमी से
काम कर रहे हैं,
कानून कायदे सब
छोड़कर, राजनीतिक
आधार के ऊपर फैसले कर रहे हैं
(व्यवधान) यह आपके
लिए शर्म की बात
है, सत्ता पक्ष
के लिए और मंत्री
महोदय खुद के लिए
भी।
श्री प्रताप
सिंह सिंघवी (राज्य
मंत्री, नगरीय विकास
एवं आवासीय): माननीय
उपाध्यक्ष महोदय..
डा. सी. पी.
जोशी (नाथद्वारा):
सुनो, सुनो आप।
श्री रामनारायण
चौधरी (नेता, प्रतिपक्ष): आपके जवाब
से हमें असंतोष
है और बहुत दुःख
है। (व्यवधान)
श्री सांवर
लाल (सिंचाई मंत्री):
आपका इतिहास देखिये
पहले पाँच साल
का।
श्री रामनारायण
चौधरी (नेता, प्रतिपक्ष):
हम आपके विभाग
का उत्तर सुनने
के बाद, आपका स्पष्टीकरण
लेने के बाद..(व्यवधान)
श्री सांवर
लाल (सिंचाई मंत्री):
बीजेपी वालों को
निलंबित किया उस
समय आपको शर्म
नहीं आई (व्यवधान)
आज तो न्याय हो
रहा है जिसने गलती
की उन सबको सस्पैण्ड
कर रहे हैं चाहे
बीजेपी का हो चाहे
कांग्रेस का हो
चाहे निर्दलीय
हो। आपने एक तरफा
कार्यवाही की पाँच
साल में, इतिहास
बता दिया आपका।
श्री रामनारायण
चौधरी (नेता, प्रतिपक्ष):
राजनीतिक भेदभाव
का हक नहीं है।
राजनीतिक आधार
पर सरपंच
को, पंचों को जन
प्रतिनिधियों
को आप सस्पैण्ड
कर रहे हैं और जो
रेडहैंडेड पकड़े
गए पैसे लेते हुए,
जो बीपेजी के हैं
उनके ऊपर आप दया
कर रहे हो, यह भेदभाव
निदंनीय है,इसके
खिलाफ निंदा
करते हुए हम बर्हिगमन
करते हैं।
(प्रतिपक्ष
के माननीय सदस्यों
द्वारा बर्हिगमन)
श्री प्रताप सिंह सिंघवी (राज्य मंत्री, नगरीय विकास एवं आवासीय): सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। (व